दिल्ली में उठेगा लद्दाख के लिए मुख्यमंत्री वाली विधानसभा का मुद्दा, गृह मंत्रालय की सब कमेटी की बैठक की तैयारी
लद्दाख के लिए मुख्यमंत्री वाली विधानसभा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग पर 9 सितंबर को दिल्ली में गृह मंत्रालय की सब-कमेटी की बैठक होगी।
-1788567317691_m.webp)
गृह मंत्रालय की सब कमेटी की बैठक की तैयारी। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए मुख्यमंत्री वाली विधानसभा, मंत्रिपरिषद व व्यापक संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने का मुद्दा दिल्ली में 9 सितंबर को गृह मंत्रालय की सब कमेटी की बैठक में उठेगा।
लद्दाख के संगठनों, लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस को दिल्ली में होने वाली बैठक के लिए निमंत्रण मिल गया है। संगठनों की मांग थी कि दिल्ली में अब सीधे हाई पावर कमेटी की बैठक बुलाई जाए। लेकिन उनकी यह मांग स्वीकार नही हुई है। अब पहले होने वाली सब कमेटी की बैठक में हाई पावर कमेटी की बैठक में चर्चा के लिए आने वाले मुद्दों की रूपेरखा तय की जाएगी।
इससे कम स्वीकार नहीं
लद्दाख के संगठनों ने गत माह गृह मंत्रालय की टीम से स्पष्ट किया था कि लद्दाख के राजनीतिक व प्रशासनिक भविष्य को लेकर अपनी प्रमुख मांगों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लद्दाख में मुख्यमंत्री वाली विधानसभा, मंत्रिपरिषद होनी चाहिए। विधानसभा के पास वित्तीय अधिकार होने चाहिए। गृह संबंधी मामले विधानसभा के अधीन होने चाहिए। इससे कम स्वीकार नही किया जाएगा।
दिल्ली में बैठक से पहले साकारात्मक रवैया अपनाते हुए लद्दाख के लिए कई अहम फैसले हुए हैं। लद्दाख के सभी सातों जिलों के लिए लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय परिषद के गठन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है। लद्दाखियों को सरकारी भूमि के संपत्ति अधिकार देने के साथ यह मुद्दा दिल्ली में होने वाली बैठकों में उठ रहा था।
बंजर भूमि के मालिकाना अधिकार देने का फैसला
ऐसे में स्वायत्त परिषदों के गठन का फैसला करने के साथ लद्दाख प्रशासन ने प्रदेश में लोगों के कब्जे वाली साठ हजार एकड़ बंजर भूमि के मालिकाना अधिकार देने का फैसला भी कर दिया है। यह कार्रवाई जल्द गठित होने वाले पर्वतीय परिषदों के माध्यम से होगी।
वहीं लद्दाख के संगठनों का कहना है कि अब बात क्षेत्र के मुख्य मुद्दों पर होनी चाहिए। इन्हें नजरअंदाज नही किया जा सकता है। लेह अपेक्स बाडी के सह अध्यक्ष छेरिंग दोरजे का कहना है कि हम गृह मंत्रालय से स्पष्ट कर चुके हैं कि अपने मुद्दों पर किसी भी प्रकार कर समझौता नही होगा।
गृह मंत्रालय को साकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए
लद्दाख के लोगों के राजनीतिक, संवैधानिक, रोजगार व भूमि संबंधी हितों की प्रभावी सुरक्षा के बिना कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सीधे हाइ पावर कमेटी की बैठक बुलाने की हमारी मांग स्वीकार नही हुई है। लेकिन हम अपने मुद्दों पर अडिग हैं। गृह मंत्रालय को साकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
इसी बीच लद्दाख के संगठन दिल्ली में बैठक में हिस्सा लेने के लिए आठ सितंबर को रवाना हो रहे हैं। बैठक से पहले लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की बैठक में मुख्य मुद्दों को एकजुट होकर गृह मंत्रालय के सामने रखने की रणनीति तैयार होगी। इस बैठक में लद्दाख के इन दोनों संगठनों के तीन-तीन सदस्य हिस्सा लेंगे।
