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लद्दाख में भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारी, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कारगिल-बटालिक का दौरा किया

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:09 PM (IST)

भारतीय सेना ने लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों में अपनी मैकेनाइज्ड इकाइयों की युद्धक क्षमता को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण किया।

सेना की उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा। फाइल फोटो

सेना की उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा। फाइल फोटो


HighLights

  1. सेना ने लद्दाख में मैकेनाइज्ड इकाइयों का व्यापक प्रशिक्षण किया

  2. लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कारगिल-बटालिक में तैयारियों की समीक्षा की

  3. दुर्गम क्षेत्रों में सैनिकों की परिचालन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया

राज्य ब्यूरो, जम्मू। ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों और प्रतिकूल मौसम के बीच भारतीय सेना ने अपनी मैकेनाइज्ड इकाइयों की आप्रेशनल क्षमता मजबूत करने के लिए व्यापक जमीनी प्रशिक्षण किया।

इसी क्रम में उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने लद्दाख प्रदेश में अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करते हुए बुधवार को करगिल और बटालिक सेक्टरों का दौरा कर अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों की तैयारियों की समीक्षा की। वह 29 अक्टूबर गुरूवार को भी लद्दाख में रहेंगे।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य सैनिकों और मैकेनाइज्ड दस्तों को कठिन परिस्थितियों में प्रभावी संचालन के लिए तैयार करना है।

जलमार्ग से जुड़ी गतिविधियों का किया अभ्यास

अभ्यास में सैनिकों और सैन्य वाहनों की आवाजाही, युद्धक उपकरणों की तैनाती, टैंक फॉर्मेशन, निगरानी व्यवस्था और जलमार्ग से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास किया गया।

कठिन भू-भाग, कम तापमान और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए सैनिकों के अनुकूलन, चालक दल की दक्षता, उपकरण प्रबंधन और सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया।

उत्तरी कमान के कमानंडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने ‘फॉरएवर इन आपरेशंस’ डिवीजन के अंतर्गत आने वाले इन रणनीतिक क्षेत्रों में सैनिकों की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया।

अधिकारियों के साथ की बैठक

उन्होंने बटालिक और करगिल सेक्टर में अग्रिम चौकियों का दौरा किया और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की संबधित अधिकारियों संग बैठक में समीक्षा भी की।

उन्होेने अपने दौरे के दौरान सैनिकों से भी बातचीत की और उनकी पेशेवर योग्यता, राष्ट्रभक्ति, वीरता और उनके मनोबल की सराहना की। साथ ही, उन्होंने रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं (टीटीपी) को लगातार बेहतर बनाने तथा अत्याधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया।