जम्मू, जेएनएन। कश्मीर में हाल ही में हुई बर्फबारी के दौरान और बाद में भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे। मौजूदा साल के पहले सात दिन में औसतन तीन हजार पर्यटक रोज कश्मीर पहुंचे हैं, लेकिन चंद दिनों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। होटलों और शिकारों में बुकिंग रद हो गई है। शनिवार सुबह अचानक वीकेंड लाकडाउन से गुलमर्ग, पहलगाम में रुके पर्यटकों मेंं हड़कंप मच गया। प्रशासन ने साफ किया कि न तो होटलों पर इसका कोई असर पड़ेगा और न पर्यटनस्थलों पर लिहाजा पर्यटकों की कोरोना की दोनों डोज जरूरी हो। साथ ही वे अन्य नियमों का जरूर पालन करें। आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं होगी।

वीकेंड लाकडाउन का फैसला मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन समिति की कार्यकारी समिति की कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई साप्ताहिक बैठक में लिया गया। बैठक में मेहता ने कहा कि वीकेंड में जम्मू-कश्मीर में गैर जरूरी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा रही है। यह रोक शुक्रवार रात को नौ बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक होगी। हालांकि इस बार ट्रांसपोर्ट, जरूरी सेवाओं व आवश्यक गतिविधियों पर कोई भी रोक नहीं होगी। होटल-रेस्तरां भी होम डिलीवरी दे सकेंगे।

आरटीपीसीआर टेस्ट की 72 घंटे पहले की रिपोर्ट व टीकाकरण वाले को ही जम्मू कश्मीर आने की अनुमति :

कार्यकारी समिति ने स्पष्ट किया है कि अंतर राज्यीय बसों को तभी जम्मू-कश्मीर में आने की इजाजत होगी, अगर उनमें बैठे यात्रियों ने टीकाकरण करवाया होगा और आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट भी 72 घंटों से पहले की होगी। इसी तरह सड़क, हवाई व रेल मार्ग से आनेे वाले यात्रियों में अगर कोई लक्षण नहीं है और वह 72 घंटे पहले के आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट साथ लाता है और उसने टीकाकरण भी करवाया है, तो उसे जम्मू में आने के लिए उसे फिर से टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है।

ये प्रतिबंध पहले की तरह रहेंगे लागू :

हाल और खुले में होने वाले समारोहों में पहले की तरह ही 25 लोगों या फिर भवन में कुल क्षमता के 25 फीसद वैक्सीनेटेड लोगों को आने की इजाजत होगी। सिनेमा हाल, थियेेटर, मल्टीप्लेक्स, रेस्तरां, क्लब, जिमनाजियम हाल और स्विमिंग पूल भी पहले की तरह 25 फीस क्षमता के साथ ही खुले रहेंगे। वहीं रात का कफ्र्यू और स्कूलों व कालेजों में आनलाइन पढ़ाई पहले की तरह ही जारी रहेगी। 

Edited By: Vikas Abrol