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326 दिन, कड़ाके की ठंड और हिमालयी इलाके में ऑपरेशन... किश्तवाड़ में 7 आतंकियों को सेना ने कैसे किया ढेर?

By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
Published: Mon, 23 Feb 2026 02:44 PM (IST)Updated: Mon, 23 Feb 2026 04:13 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने 326 दिनों के चुनौतीपूर्ण हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। सोलह कोर, ...और पढ़ें

HighLights

  1. किश्तवाड़ में 326 दिन चला हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन।

  2. सुरक्षाबलों ने सात कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया।

  3. सैफुल्लाह और उसके साथियों का सफाया, आतंकी नेटवर्क को झटका।

डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छात्रू क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने लंबी और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई के बाद बड़ी कामयाबी हासिल की है। पिछले 326 दिनों तक लगातार और बेहद कठिन उच्च हिमालयी इलाकों में हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन चलाते हुए सुरक्षा बलों ने सात कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया।

यह संयुक्त अभियान सोलह कोर जम्मू कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ द्वारा चलाया गया। अभियान के दौरान जवानों ने कड़ाके की ठंड, बारिश और बर्फबारी के बीच दुर्गम पहाड़ी इलाकों में आतंकवादियों का लगातार पीछा किया, जिससे कई बार मुठभेड़ की स्थिति बनी।

सिविल और सैन्य खुफिया एजेंसियों द्वारा स्थापित मजबूत इंटेलिजेंस ग्रिड के आधार पर चलाए गए इस ऑपरेशन में अंततः कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह और उसके साथियों सहित सभी सात आतंकवादियों का सफाया कर दिया।

अत्याधुनिक संचार प्रणालियों की ली गई मदद

अभियान के दौरान आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, आरपीए/यूएवी और अत्याधुनिक संचार प्रणालियों की मदद से आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

सुरक्षाबलों के अटूट संकल्प, साहस और वीरता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंक के नेटवर्क को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को क्षेत्र में सक्रिय आतंकी तंत्र के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

वहीं X पर एक पोस्ट में, व्हाइट नाइट कोर ने इस ऑपरेशन को “वीरतापूर्ण दृढ़ता” बताया और कहा कि किश्तवाड़ के मुश्किल इलाके और खराब मौसम में लगातार और मेहनत से ऑपरेशन किए गए।

इंटेलिजेंस ग्रिड के आधार पर किया काम

सेना ने कहा कि व्हाइट नाइट कोर के सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर सिविल और मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा बनाए गए एक अच्छी तरह से जुड़े इंटेलिजेंस ग्रिड के आधार पर काम किया। सेना ने मुश्किल पहाड़ी इलाकों में ठंडे और बर्फीले हालात में आतंकवादियों को ट्रैक किया, जिससे कई बार संपर्क हुआ और आखिरकार सभी सात आतंकवादियों को मार गिराया गया।

सेना ने कहा कि सैफुल्लाह और उसके साथियों के मारे जाने से इलाके में चल रहे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। साथ ही, यह कामयाबी सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों के पक्के इरादे, हिम्मत और बहादुरी को दिखाती है।