जम्मू, दिनेश महाजन। कोरोना वायरस को हराने के लिए अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। सतवारी के चट्ठा फार्म गांव की महिलाओं ने कोरोना वायरस को उनके गांव से दूर ही रखने के लिए विशेष ब्रिगेड का गठन किया है। इस ब्रिगेड को महिला ब्रिगेड का नाम दिया गया है। इस ब्रिगेड में शामिल महिलाएं दिन-रात गांव में पहरा दे रही हैं ताकि कोई भी अनजान व्यक्ति उनके गांव में प्रवेश न कर पाए।

दरअसल संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से ही कोरोना वायरस फैलता है। इसलिए चट्ठा फार्म की ओर जाने वाले मार्ग पर कंटीले तारों को लगा कर महिलाओं ने इस मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। महिलाएं स्वयं हाथ में लाठी व डंडे लेकर चरणबद्ध् तरीके से पहरा दे रही हैं। गांव की महिला सड़कों पर पहरा दे रही हैं तो पुरुष खेतों में काम करने के साथ ही बच्चों की देखभाल भी कर रहे हैं। गांव की सीमा पर पहरा दे रही महिलाओं के साथ पुलिस कर्मी भी तैनात हैं। इनमें महिला पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए महिलाओं ने अपने गांव को पूरी तरह से सील कर दिया है।

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को सजा भी : चट्ठा फार्म में जो भी कोई बिना वजह घर से निकल रहा है, उसे मौके पर ही सजा दी जा रही है। महिला ब्रिगेड की सदस्य उन्हें उठक-बैठक करवा रही हैं। हालांकि पुलिस भी उनके साथ मौजूद रहती है, लेकिन लोगों को सजा देने का अधिकार गांववालों ने महिला ब्रिगेड को ही दिया है।

  • कोरोना वायरस महामारी का इस समय चारों ओर संकट है। यह बीमारी दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। भारत में अब तक करीब छह हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। लोगों को यह जागरूक करना जरूरी है। जब तक लोग संक्रमित के संपर्क में नहीं आएंगे तब तक उन्हें कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। घरों में रहने और शारीरिक दूरी बनाए रखने में ही बचाव है। तेज धूप और बारिश में महिलाएं ड्यूटी अंजाम दे रही है। छह घंटे तक ब्रिगेड की एक टीम पहरा देती है। एक टीम में छह महिलाएं शामिल हैं। - गुरमीत कौर, पूर्व सरपंच, चट्ठा फार्म

 

Posted By: Rahul Sharma

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