जागरण संवाददाता, जम्मू : कश्मीर घाटी से विस्थापित हुए करीब छह लाख कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए समुदाय के कुछ सदस्यों ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जम्मू-कश्मीर के प्रभारी अविनाश राय खन्ना के समक्ष रोडमैप पेश करते हुए कहा है कि पंडितों की वापसी के लिए त्रिस्तरीय पैकेज की जरूरत है। इसमें विस्थापितों के शारीरिक व आर्थिक पुनर्वास के साथ उनकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होने चाहिए, तभी पंडित परिवार अपने घर लौट सकते हैं।

कश्मीरी विस्थापित पंडितों के एक दल ने जम्मू दौरे पर आए अविनाश राय खन्ना को अपना मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षो से विस्थापित अपने घरों को नहीं लौट पाए। उन्होंने कहा कि उनके घर वापसी के लिए जरूरी है कि उनमें विश्वास बहाली के साथ उनके पुनर्वास का एक संपूर्ण कार्यक्रम बनाया जाए, जिसमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ आर्थिक पैकेज भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में शांति की बहाली के लिए विस्थापित कश्मीरी पंडितों की घर वापसी जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के पास अगर कोई भी पुराना दस्तावेज जैसे स्टेट सब्जेक्ट, स्कूल प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, संपत्ति दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र, वोटर कार्ड, पेंशन कार्ड हो तो उसे विस्थापित होने का प्रमाणपत्र मानकर उसे पैकेज में शामिल किया जाना चाहिए।

अविनाश राय खन्ना ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि वह उनकी मांगों को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में सतीश माहल्दार, लोकेश काजी, मोनिका माहल्दार, कमल चौधरी व आरके कौल मुख्य रूप से शामिल रहे।

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