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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुलगाम में कश्मीरी हिंदू सतीश कुमार आतंकी हमले में घायल, आतंकियों की तलाश जारी

By Vikas AbrolEdited By:
Published: Wed, 13 Apr 2022 08:10 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 13 Apr 2022 09:04 PM (GMT+05:30)

आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम द्वारा कश्मीर में रह रहे कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने के धमकी भरे पत्र मिलने के कुछ ...और पढ़ें

हमले के तुरंत बाद आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
हमले के तुरंत बाद आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ दिया है।

जम्मू, जेएनएन। आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम द्वारा कश्मीर में रह रहे कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाने के धमकी भरे पत्र मिलने के कुछ समय बाद ही आतंकियों ने कुलगाम में एक कश्मीरी हिंदू सतीश कुमार पर अचानक हमला कर दिया। इसमें कश्मीरी हिंदू सतीश कुमार घायल हो गए हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवा दिया गया है। इस हमले के तुरंत बाद आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ दिया है। 

हमले की जिम्मेदारी कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स नामक आतंकी संगठन ने ली है। घाटी में बीते 13 दिनों के दौरान कश्मीरी हिंदुओं और देश के अन्य राज्याें से रोजी रोटी कमाने आए गैर मुस्लिमों पर यह पांचवा आतंकी हमला है।

कश्मीर जोन पुलिस ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बताया कि आतंकियों ने सतीश सिंह जम्वाल पर अचानक हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। सतीश सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह जम्वाल पेशे से ड्राइवर हैं और कुलगाम के काकरान क्षेत्र के रहने वाले हैं।

इसी बीच भाजपा नेता विजय रैना ने कश्मीरी हिंदू पर आतंकियों द्वारा किए गए हमले की निंदा की है। धमकी भरे पत्र बारे उन्होंने कहा कि मुझे आज सुबह ही इस पत्र के बारे में पता चला। मैँने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर भी अपलोड किया है। मैंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की है। इस पत्र के बाद से लोगों में डर पैदा हो गया है। श्रीनगर में रहने वाले एक कश्मीरी हिंदू ने कहा कि यहां डर कब नहीं था। बीते कुछ समय से लगने लगा था कि निजाम-ए-मुस्तफा का नारा देने वाले गायब हो गए हैं। लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ने लगी थी। कईं लोग लौटने के लिए अपने पुश्तैनी घरों की मुरम्मत के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।

मुझे लगता है कि इससे हताश होकर ही ,कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं की वापसी को रोकने के लिए ही यह धमकी दी गई है। जिला एसएसपी बारामुला रईस अहमद बट ने इस मामले में किसी भी तरह की बातचीत से बचते हुए कहा कि आइजीपी साहब ही बात करेंगे। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने फोन किए जाने पर कहा कि मैं अभी एक मीटिंग में व्यस्त हूं। बाद में बात करते हैं।