जम्मू, अवधेश चौहान। माधोपुर में गत मंगलवार रात को इनोवा टैक्सी चालक को गोली मार देने की धमकी देकर टैक्सी छीन कर भागे चार संदिग्धों की तलाश के बीच जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन अनसार गजवा-ए-हिंद के प्रमुख जाकिर मूसा के पंजाब के फिरोजपुर, भटिंठा और अमृतसर में देखे जाने की सूचना से हड़कंप मच गया है। साफ है कि कश्मीर घाटी में आतंकवादियों पर सुरक्षा बलों पर बढ़ते दवाब के कारण आतंकवादी अब घाटी से निकल कर जम्मू और पंजाब की ओर रूख कर रहे हैं। घाटी में कार्डन एडं सर्च आपरेशन (कासो) में पिछले एक साल में अब तक 200 के करीब आतंकी मारे गए है।

दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आतंकी

आतंकवादी दिल्ली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन गजवा-ए-हिंद के प्रमुख जाकिर मूसा आखिरी बार दक्षिण कश्मीर में मई माह में देखा गया था। सुरक्षा एजेंसियां का मानना है कि आतंकवादियों ने हाल ही में नेपाल के रास्ते पंजाब के फिरोजपुर इलाके से घुसपैठ की है। आतंकवादियों के एक दल को फिरोेजपुर और फिर भटिंठा में देखा गया। लश्कर ए तौयबा के आतंकवादी नवीद जट की भी कोशिश है कि किसी तरह कश्मीर घाटी से निकल कर पंजाब में अपने नेटवर्क को बढ़ाया जाए।

केजेडएफ से मिलकर रच रहे तोड़फोड की साजिश

घाटी में आतंकवादी संगठनों पर बढ़ रहे सुरक्षाबलों के दबाव के कारण आतंकी स्लीपिंग सैल के रूप में पंजाब में डेरा जमाने की कोशिश कर रहे है। आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के साथ मिलकर उत्तर भारत के कई प्रदेशों में तोड़फोड़ को अंजाम दिया जा सके। इसका खुलासा तक हुआ जब 10 अक्टूबर को पंजाब पुलिस ने जांलधर के शाहपुर इलाके में सीटी इंजीनियरिंग मेनेजमेंट टैक्नालॉजि में बीटेक की पढ़ाई कर रहे कश्मीर घाटी के तीन छात्रों को हथियारों और गोलाबारूद के संग पकड़ा था। इतना ही नही गत माह पटियाला के बनौर इलाके में पंजाब पुलिस ने आर्यन इंजीनियरिंग कालेज के छात्र गाजी अहमद मलिक नामक छात्र को गिरफ्तार किया। मलिक दक्षिण कश्मीर के शौपियां का रहने वाला है और स्लीपिंग सैल के रूप में बीटेक की पढ़ाई की आढ़ में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के लिए पंजाब में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा था।

 परिहार बंधुओं की हत्या इसी रणनीति का हिस्सा

ये आतंकवादी संगठन पंजाब में खालिस्तान आतंकी से मिल कर अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश में हैं। आतंकवादियों की रणनीति का ही नतीजा है कि उन्होंने जम्मू संभाग के पहाड़ी जिले किश्तवाढ़ में भाजपा प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उसके अजीत परिहार की पहली नवंबर को गोली मार कर हत्या कर दी। एक साल पहले जम्मू संभाग के इस क्षेत्र को आतंकवाद मुक्त होने का दावा किया गया था। आतंकवादी अब रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। आतंकी संगठनों ने अब पंजाब में 80 के दशक में सक्रिय आतंकवादी संगठन खालिस्तान फोर्स के साथ मिलकर उत्तर भारत के कई प्रदेशों में संवेदनशील ठिकानों को अपना निशाना बनाने की रणनीति तैयार की है।

Posted By: Rahul Sharma

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