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Jammu-Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर में फिर बदलेगा मौसम, इस तारीख से बारिश-बर्फबारी के आसार; जानें ताजा अपडेट

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:00 AM (IST)

Jammu-Kashmir Weather Update: जम्मू-कश्मीर में आगामी दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा, जिसमें शुष्क मौसम के साथ हल्की बारिश और ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में बदलेगा मौसम का मिजाज, किसानों के लिए एडवाइजरी। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में बदलेगा मौसम का मिजाज, किसानों के लिए एडवाइजरी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा।

  2. हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना।

  3. किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह, विशेषकर सेब और धान।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, आगामी कई दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन बीच-बीच में कुछ इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आइए जानते हैं कि आज जम्मू-कश्मीर का मौसम कैसा रहेगा...

7 अक्टूबर को मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 8 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।

9-10 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

9 अक्टूबर को ज्यादातर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 10 अक्टूबर की सुबह और दोपहर के समय मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। विभाग ने 10 अक्टूबर और 14-15 अक्टूबर के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

11 से 13 अक्टूबर तक मौसम शुष्क

11 से 13 अक्टूबर की शाम तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि 14 और 15 अक्टूबर को फिर से मौसम करवट ले सकता है। इन दोनों दिनों में कई स्थानों पर हल्की बारिश, ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर तोड़े गए सेब और धान को सुरक्षित जगह पर रखने को कहा गया है, ताकि बारिश के कारण फसल को नुकसान न पहुंचे।