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जम्मू-कश्मीर में इंटर्न्स की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े; सियासी दलों का समर्थन भी मिला

Published: Thu, 03 Sep 2026 05:03 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में इंटर्न्स की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही, जिसे राजनीतिक दलों का ...और पढ़ें

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर में इंटर्न्स डॉक्टरों की हड़ताल जारी।

  2. स्टाइपेंड ₹12,300 से ₹30,000 करने की मांग।

  3. राजनीतिक दलों का हड़ताली डॉक्टरों को लगातार समर्थन।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के मेडिकल और डेंटल कालेजों में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न्स डाक्टरों की हड़ताल वीरवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताली डाक्टरों को राजनीतिक दलों का लगातार समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस, पीडीपी और सीपीआइ (एम) उन्हें अपना समर्थन दे चुकी है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक स्टाइपेंड बढ़ाने पर सरकार की ओर से आश्वासन के अतिरिक्त कुछ भी नहीं हुआ है।

इंटर्न्स डाक्टरों ने सोमवार को हड़ताल शुरू की थी। उनकी हड़ताल के चंद घंटों के बाद ही स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू नेउनकी मांग को जायज ठहरा था और आश्वासन दिया था कि स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर उनकी वित्त विभाग से बातचीत चल रही है।

30 हजार रुपये स्टाइपेंड की मांग पर अड़े इंटर्न्स

इंटर्न्स का कहना है कि जब तक उनका स्टाइपेंड 12300 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह नहीं किया गया, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। इस कारण अभी तक हड़ताल जारी है। हालांकि इंटर्न्स डॉक्टर अभी भी इमरजेंसी व प्रमुख स्थलों पर काम कर रहे हैं। इस कारण हड़ताल के कारण मरीजों की देखभाल पर जीएमसी जम्मू व सहायक अस्पतालों में कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा है।

हड़ताली डॉक्टर वीरवार को भी जीएमसी की ओपीडी के बाहर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि हर कोई उनकी मांग को उचित तो ठहरा रहा है लेकिन जब तक उनकी मांग पूरी करने के लिए अधिकारिक आदेश जारी नहीं होता वे काम पर नहीं लौटेंगे।

तीन साल से अटका स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रस्ताव

उनका कहना है कि तीन वर्ष पहले जब इंटर्न्स ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की थी तो तब से प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेजा हुआ है। लेकिन तीन वर्ष से इसे मंजूरी नहीं मिली है। बारह हजार रुपये महंगाई केे इस दौर में कुछ भी नहीं होता। वे लगातार अपनी डयूटी देते हैं।

वहीं इंटर्न्स की हड़ताल को राजनीतिक दल अपना समर्थन लगातार दे रहे हैं। कांग्रेस, पीडीपी ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।