राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : कश्मीर में सरकारी कर्मियों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के तहत 372.04 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1024 फ्लैट बनाए जाएंगे। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। सरकार ने मई से अक्टूबर 2018 के अंत तक घाटी में इस्टेट विभाग की आवासीय सुविधाओं के अलावा 42 जम्मू-कश्मीर टूरिस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेकेटीडीसी) हट, 252 जेकेटीडीसी कमरे, 106 निजी होटल और 107 निजी मकान किराए पर लिए हैं। यह जानकारी वीरवार को राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार ने राज्य इस्टेट विभाग की गतिविधियों की समीक्षा के लिए हुई बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस्टेट विभाग के राज्य में 115 मिनिस्टरीयल बंगलों समेत 4522 आवासीय इकाइयां हैं। इस्टेट विभाग द्वारा शुरू की निर्माण योजनाओं के बारे में अधिकारियों ने बताया कि पांपोर में 90.65 करोड़ की अनुमानित लागत से 400 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। इनमें एक कमरे की सुविधा वाले 192, दो कमरों की सुविधा वाले 128 और तीन कमरों की सुविधा वाले 80 फ्लैट होंगे। जम्मू के सरवाल में 32 फ्लैट बनाए

सर्दकालीन राजधानी जम्मू के सरवाल इलाके में पहले चरण के तहत 32 आवासीय फ्लैट बनाए गए हैं। दूसरे चरण में 8.22 करोड़ की लागत से 28 और फ्लैट बनाए जा रहे हैं जो अप्रैल 2019 में तैयार होंगे। आहता अमर ¨सह में 8.42 करोड़ की लागत से 28 फ्लैटों का निर्माण अगले साल मई तक पूरा होने की संभावना है। 3.33 करोड़ रुपये की लागत से लोअर मुठी में 28 फ्लैटों का निर्माण 15 महीने में पूरा होने की संभावना है। श्रीनगर के आलूची बाग में 92 कनाल भूमि अधिग्रहित

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के आलूची बाग में आवासीय कॉलोनी के निर्माण के लिए 92 कनाल भूमि अधिग्रहित की गई है। इसकी डीपीआर भी तैयार है। शिवपोरा व श्रीनगर में पीएम पैकेज के तहत कर्मचारियों के लिए 372.04 करोड़ की अनुमानित लागत पर 1024 फ्लैटों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

सिविल सचिवालय श्रीनगर और जम्मू में क्रमश: 52.33 करोड़ और 58.43 करोड़ रुपये की लागत पर अतिरिक्त कार्यालय आवास बनाने की योजना बना रहा है। इस संबंध में ज्ञापन राज्य प्रशासनिक परिषद के समक्ष जल्द ही रखा जाएगा। सलाहकार ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह सभी निमार्णाधीन आवासीय इकाइयों और अन्य इमारतों में काम की गुणवत्ता, आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को यकीनी बनाने के साथ साथ निर्माण के लिए आबंटित धनराशि को सदुपयोग पर विशेष ध्यान देते हुए सभी कार्य निर्धारित समय में पूरा करें। उन्होंने आवाीय कॉलोनियों में मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए कहा।

By Jagran