जम्मू, जागरण संवाददाता: जम्मू यूनिवर्सिटी (जेयू) के साइकोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर की आत्महत्या मामले की जांच कर रही जम्मू पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने जेयू प्रबंधन द्वारा बनाए गई नौ सदस्य कैश कमेटी के सभी सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए है।

प्रो. चंद्रशेखर पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद जेयू प्रबंधन ने जांच के लिए नौ सदस्य कैश कमेटी का गठन किया था, जिसने शिकायत दर्ज करवाने वाली छात्राओं व उसके समर्थन में गवाही देने वाली छात्राओं के बातचीत कर रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद जेयू के रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर प्रो. चंद्रशेखर को सस्पेंड कर दिया था।

एसआइटी ने कैश कमेटी के सदस्यों से पूंछे सवाल

एसआइटी ने कैश कमेटी में शामिल टीचिंग नान टीचिंग व क्लेरिकल स्टाफ से सदस्यों को प्रश्नावली तैयार कर दी थी। उस प्रश्नावली में पूछे के प्रश्नों के जवाब लिखित में देने को कहा गया था, जो वीरवार को उन्होंने एसआइटी को सौंप दिया।

बताया जा रहा है कि कैश कमेटी के सदस्यों ने आरोपित एसोसिएट प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक विभागीय कामकाज नहीं करने देने की सिफारिश की थी, लेकिन रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए गए आदेश में प्रो. चंद्रशेखर को सस्पेंड कर दिया गया था।

प्रो. चंद्रशेखर को जब उनके सस्पेंशन का पत्र मिला था तो उसके करीब पंद्रह मिनट के बाद ही उनका शव कमरे में पंखे के साथ लटकता हुआ मिला था। इसके बाद से जम्मू विश्वविद्यालय में विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा।

पत्नी ने आत्महत्या के लिए उकसाने का लगाया आरोप

चंद्रशेखर की पत्नी ने जेयू के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा छात्र संगठन भी मामले की जांच के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि जम्मू विश्वविद्यालय का शिक्षक संघ सीबीआइ से मामले की जांच करवाने को लेकर तभी से हड़ताल पर चला गया है। अपनी इस मांग के समर्थन में शिक्षक संघ ने मंडलायुक्त जम्मू को बीते बुधवार को ज्ञापन भी सौंपा था।