राज्य ब्यूरो, जम्मू : पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंपों पर सटीक प्रहार करने वाली भारतीय वायुसेना, जम्मू कश्मीर में देश के दुश्मनों के मंसूबों को हर कीमत पर नाकाम बनाएगी।

भारतीय वायुसेना के 87वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को राज्य के एयरफोर्स स्टेशनों पर हुए कार्यक्रमों में हवाई योद्धाओं ने प्रण लिया कि वे समय आने पर जान की बाजी लगाकर दुश्मन को करारी शिकस्त देंगे। इस दौरान सभी एयरफोर्स स्टेशनों पर विशेष परेड के आयोजन के साथ शहीदी स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में एयर ऑफिसर कमांडिग एयर कमाडोर अजय सिंह पठानिया ने स्टेशन वार मेमोरियल में वायुसेना के शहीदों को सलामी दी। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में सप्ताह भर कार्यक्रम चले। इस दौरान वायु सैनिकों, उनके परिजनों और स्कूली बच्चों के लिए आठ किलोमीटर, तीन किलोमीटर व 1.6 किलोमीटर की दौड़ का भी आयोजन किया गया। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन समेत राज्य के सभी छह एयरफोर्स स्टेशनों पर कार्यक्रम हुए।

इन कार्यक्रमों में अधिकारियों, वायु सैनिकों और उनके परिजनों के साथ स्कूली बच्चों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। आजादी के बाद से जम्मू कश्मीर में भारतीय वायुसेना दुश्मन की साजिशों को नाकाम बना रही है। इसके साथ ही मौसम की चुनौतियों का सामना करने वालों को भी बचाने की मुहिम जारी है। भूकंप, बाढ़, बर्फीले तूफान से लोगों को बचाने के साथ वायुसेना पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान भी बचा रही है।

आज जम्मू कश्मीर में भारतीय वायुसेना पाकिस्तान व चीन जैसे देशों की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। वायुसेना का गठन आठ अक्टूबर 1932 को चार विमानों, छह अधिकारियों व 19 हवाई योद्धाओं के साथ हुआ था। इस समय भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। जम्मू कश्मीर में वायुसेना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अब तक वायुसेना हजारों लोगों को मौसम की मार से बचा चुकी है।

Posted By: Jagran

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