जम्मू, जागरण संवाददाता। जम्मू-कश्मीर स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (जेकेएसआरटीसी) ने पहली जुलाई से शहर के पांच रूटों पर शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा का अब विस्तार करते हुए जम्मू के लिए आई 20 इलेक्ट्रिक बस को शहर के 20 रूटों पर दौड़ाने का ऐलान किया है।

ध्वनि और प्रदूषण से मुक्त इलेक्ट्रिक बस सेवा गत पहली जुलाई को अंबफला से तालाब तिल्लो, अंबफला से बड़ी ब्राह्मणा, अंबफला से शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी जम्मू (स्कास्ट), अंबफला से बाहुफोर्ट और अबंफला से बठिंडी के रूट पर शुरू की थी। आज से एसआरटीसी की 20 इलेक्ट्रिक बस सेवा शहर के 20 रूटों पर दौड़ना शुरू हो गई हैं। एसआरटीसी के जीएम आपरेशन स. परमजीत सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक बस सेवा सुबह शहर के विभिन्न स्थानों से 8 बजे से शुरू होगी और अंतिम बस सेवा शाम 7.30 बजे तक ही दौड़ेंगी। सड़कों पर दौड़ने वाली मिनी बस के समान ही इलेक्ट्रिक बस सेवा में सफर करने वाले यात्रियों से किराया वसूला जाएगा।

इन रूटों पर चल रही इलेक्ट्रानिक बसें

यात्रियों की सुविधा और मांग के आधार पर अंबफला से शास्त्री नगर, अंबफला से बड़ी ब्राह्मणा, रेलवे स्टेशन से जानीपुर, अंबफला से आरएसपुरा, पंजर्तीथी से सैनिक कालोनी, अंबफला से स्कास्ट, इंदिरा चौक से जगटी, पंजर्तीथी से गोल गुजराल, बस स्टैंड से अखनूर, पंजर्तीथी से बाहुफोर्ट, अंबफला से बङ्क्षठडी, ज्यूल चौक से मिश्रीवाला, अंबफला से छन्नी हिम्मत, रेलवे स्टेशन से सिद्दड़ा अस्पताल वाया पंजर्तीथी, पंजर्तीथी से त्रिकुटा नगर, पंजर्तीथी से गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बख्शी नगर वाया ज्यूल चौक, पंजर्तीथी से तालाब तिल्लो, अंबफला से सुंजवां और ज्यूल चौक से दुर्गा नगर रूट पर दौड़ेंगी जबकि रेलवे स्टेशन से कटड़ा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पहले से ही इलेक्ट्रिक बस सेवा जारी है।

यात्रियों ने कुछ इस तरह सांझा किए अपने अनुभव

  • शहर में पिछले काफी वर्षों से मिनी बस दौड़ रही हैं। हमेशा इनमें बैठकर ही सफर करते आए हैं। आज पहली बार इलेक्ट्रिक बस सेवा में बैठने का मौका। आरामदायक सीट और बिना किसी शोरगुल के दौडऩे वाली इलेक्ट्रिक बस सेवा में सफर करने का आनंद ही कुछ अलग है। अब तो मैं अंबफला से बंठिडी का सफर इस बस में तय करुंगी। -निक्की, यात्री
  • इलेक्ट्रिक बस में सफर करना ऐसा लगा मानो किसी ट्रेन में सफर कर रहे हैं। एसआरटीसी को शहर के अन्य रूटों पर भी भारी मात्र में इलेक्ट्रिक बस मंगवाकर दौड़ानी चाहिए ताकि मिनी बसों के ध्वनि और वायु प्रदूषण से शहरवासियों को निजात मिल सके। -अजय सिंह, यात्री

इलेक्ट्रिक बस को दौड़ाने का आनंद ही अलग है

  • बस के चालक यशपाल सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस बस को दौड़ाने का आनंद ही अलग है। इसमें क्लच और गियर नहीं होने की वजह से आसानी से इसे दौड़ाया जा सकता है। बस में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसी सुविधाएं भी हैं। इससे सवारी बस में पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी और इसके दोनों दरवाजे ड्राइवर की अनुमति के बिना नहीं खुल सकते हैं। -चालक यशपाल सिंह

यात्री इस बस का आनंद उठाएं

  • कंडक्टर मंगल सिंह का कहना है कि प्राइवेट मिनी बस के चालक और कंडक्टर यात्रियों को किराये को लेकर गुमराह करते हैं। इस बस का किराया आम मिनी बसों के किराये जितना ही हैं। यात्री बिना किसी डर के बस में शान से बैठकर अपने गंतव्यों तक पहुंचे। -कंडक्टर मंगल सिंह 

Posted By: Rahul Sharma

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