जम्मू, जागरण संवाददाता। अब बिजली कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर नहीं जाएंगे। राज्य प्रशासनिक परिषद ने बिजली विभाग का स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड और कश्मीर स्टेट पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए कर्मचारियों को यह आश्वस्त किया है कि इन बदलावों के बावजूद सेवारत कर्मचारियों के सेवा लाभ प्रभावित नहीं किए जाएंगे। पाॅवर इंप्लाइज कोआर्डिनेशन कमेटी ने राज्य प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए इस बात का विश्वास दिलाया कि अब कर्मचारी दिवाली के बाद फिर से काम छोड़ हड़ताल पर नहीं जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में बिजली विभाग में सुधारों के लिए राज्य प्रशासनिक परिषद ने बिजली विभाग, स्टेट पाॅवर डेवलपमेंट काॅरपोरेशन लिमिटेड व जम्मू -कश्मीर स्टेट पॉवर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। हालांकि इससे पहले बिजली विभाग के 31 हजार कर्मचारियों ने विभाग के निजीकरण के फैसले के विरोध में काम छोड़ो हड़ताल शुरू की थी। पॉवर इंप्लइज कोआर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों का मत था कि अगर राज्यपाल प्रशासन विभाग का निजीकरण करता है तो कर्मचारियों के सेवा लाभ इससे प्रभावित नहीं होने चाहिए। इस संबंध में पॉवर डेवलपमेंट विभाग के आयुक्त सचिव सहित जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा से बैठक भी हुई थी।

अब सरकार द्वारा विभाग के सेवारत कर्मचारियों के सेवा लाभ प्रभावित नहीं होने देने के फैसले पर कमेटी ने राज्यपाल प्रशासन का आभार जताया है। पाॅवर इंप्लाइज कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन इंजीनियर जयपाल शर्मा ने कहा कि कमेटी शुरू से ही कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के लिए अपील कर रही थी जिसे राज्यपाल प्रशासन द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। अगर भविष्य में कमेटी को लगा कि कर्मचारियों के हितों को अनदेखा कर उनका हक मारा जा रहा है तो फिर एक बार फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि कर्मचारियों ने गत 9 अक्टूबर से काम छोड़ो हड़ताल जारी रखी थी लेकिन गत 19 अक्टूबर को जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा के साथ हुई बैठक में आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने दीपावली तक काम छोड़ो हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया था।

Posted By: Rahul Sharma

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