श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। सीबीआई ने लगभग 30 साल पूर्व श्रीनगर के रावलपोरा में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों पर हमले और उनकी हत्या के मामले में लिप्त जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के कमांडर जावेद मीर को भी गिरफ्तार कर लिया है। मीर को गत वीरवार को उसके घर से गिरफ्तार कर कथित तौर पर जम्मू लाया गया है। जेकेएलएफ के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक पहले ही इस मामले के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं।

संबधित पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जावेद मीर को वायुसेना अधिकारियों पर हमले के मामले में सीबीआई ने पकड़ा है। उन्हें जम्मू स्थित टाडा अदालत में पेश किया जा सकता है।

यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2019 को सीबीआई की याचिका को स्वीकारते हुए वायुसेना के अधिकारियों की हत्या और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण संबंधी मामलों की सुनवाई को जम्मू विंग में स्थानांतरित करने का फैसला सुनाया था। इससे पूर्व वर्ष 2009 में यासीन मलिक की याचिका पर राज्य उच्च न्यायालय ने इन दोनों मामलों की जम्मू स्थित टाडा अदालत में सुनवाई पर रोक लगायी थी।

जेकेएलएफ पर आतंक विरोधी कानून के तहत लगाया गया है प्रतिबंध

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गत 22 मार्च को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) पर आतंक विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाया हुआ है। केंद्रीय गृह सचिव का कहना था कि फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक के नेतृत्व में संगठन ने घाटी में अलगावादी विचाराधारा को बढ़ावा देने का काम किया। यही नहीं 1988 से यह संगठन अलगाववादी गतिविधियों और हिंसा के मामले में सबसे आगे रहा है। यही वजह है कि संगठन के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस में 37 मामले दर्ज हैं। इनमें सीबीआई और एनआइए द्वारा वायु सेना के दो जवानों की हत्या का मामला भी शामिल है। एनआइए इन मामलों की जांच कर रही है।

Posted By: Rahul Sharma

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