अब सिर्फ नंबर नहीं बताएंगे काबिलियत! जम्मू-कश्मीर के पीएम श्री स्कूलों में 'होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड' लागू, जानें
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पीएम श्री स्कूलों में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) लागू ...और पढ़ें

कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड लागू। (फाइल फोटो)
HighLights
पीएम श्री स्कूलों में कक्षा नौवीं के लिए एचपीसी लागू।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समग्र मूल्यांकन पर जोर।
सीखने की क्षमता, दक्षता और समग्र विकास का रिकॉर्ड बनेगा।
सुरेंद्र सिंह, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पीएम श्री स्कूलों में अब बच्चों का आकलन केवल परीक्षा में मिले अंकों से नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) लागू किया है। पहले चरण में इसे सभी पीएम श्री स्कूलों में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए पायलट आधार पर लागू किया जा रहा है।
बोर्ड के अनुसार, कश्मीर संभाग और जम्मू संभाग के विंटर जोन में एचपीसी की व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू है। वहीं जम्मू संभाग के समर जोन में इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया गया है।इससे मूल्यांकन परीक्षा-केंद्रित होने के बजाय बच्चे की वास्तविक क्षमता और प्रगति पर आधारित होगा।
बदलेगा मूल्यांकन का तरीका
होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड में विद्यार्थी के केवल परीक्षा परिणाम को ही महत्व नहीं दिया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि बच्चा क्या सीख रहा है, कितना समझ रहा है और सीखी हुई बातों का इस्तेमाल किस तरह कर पा रहा है। इसके साथ उसकी विषय संबंधी दक्षता, सीखने में हो रही प्रगति और दूसरे क्षेत्रों में विकास को भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
इस तरह बच्चों की योग्यता का आकलन केवल किताबी ज्ञान या परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। जेके बोर्ड ने यह पहल राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र परख, एनसीइआरटी की ओर से किए जा रहे मूल्यांकन सुधारों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप की है। इसका उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करते हुए बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता और विकास को बेहतर ढंग से समझना है।
हर विद्यार्थी का अलग रिकार्ड
इस व्यवस्था के तहत पीएम श्री सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों व प्रमुखों को कक्षा नौवीं के प्रत्येक विद्यार्थी का एचपीसी निर्धारित प्रारूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विद्यार्थी की सीखने की प्रगति और विकास का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।
स्कूलों को एचपीसी रिकार्ड को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर निगरानी या समीक्षा के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है। स्कूल प्रमुखों और रिसोर्स टीचर्स के लिए अलग-अलग ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं, जिनमें एचपीसी के उद्देश्य, प्रक्रिया, विषयवार क्रियान्वयन और रिकॉर्ड तैयार करने की जानकारी दी गई।
पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़ेगा माडल
जेके बोर्ड ने स्कूलों से एचपीसी लागू करने के दौरान सामने आने वाली समस्याओं, सुझावों और अनुभवों की जानकारी साझा करने को कहा है। इन सुझावों के आधार पर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और सफल रहने पर भविष्य में इसे अन्य कक्षाओं और स्कूलों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।
इससे विद्यार्थियों का मूल्यांकन अंकों के बजाय उनकी सीख, समझ, क्षमता और समग्र विकास के आधार पर करने की दिशा मजबूत होगी।
