जम्मू-कश्मीर में नदियों में चलेगा क्रूज, झेलम से वुलर झील तक घूम सकेंगे पर्यटक; अगले साल शुरू करने का लक्ष्य
जम्मू-कश्मीर में अगले साल से नदियों के माध्यम से पर्यटन और परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी है। मुख्य सचिव ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में नदियों में चलेंगे क्रूज, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू-कश्मीर में अगले साल से नदियों में क्रूज सेवा शुरू होगी।
झेलम, चिनाब, रावी नदियों पर राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजनाएं विकसित होंगी।
रिवर क्रूज पर्यटन और शहरी परिवहन को नया आयाम देंगे।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अगले साल से नदियों के जरिए सफर और पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजनाओं को अगले साल लोगों के लिए शुरू करने के लक्ष्य को बेहतर समन्वय से हासिल किया जाए।
श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यसचिव ने केंद्र शासित प्रदेश में तैयार हो रही राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजनाओं की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में झेलम, चिनाब व रावी सहित तीन प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्गों को वित्त वर्ष 2026-27 में जनता के लिए परिचालन में लाने का लक्ष्य रखा गया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव , भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष, डिवीजनल कमिश्नर, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कारपोरेशन लिमिटेड व विभिन्न विभागों, एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने दोनों डिवीजनल कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने व समय-समय पर स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से जुड़े अधिकांश मुद्दे छोटे व स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य हैं। इन्हें संबंधित प्रशासन व कार्यान्वयन एजेंसियों के समन्वय से शीघ्र दूर किया जाना चाहिए।
रिवर क्रूज बन सकते हैं पर्यटकों का आकर्षण
डुल्लू ने कहा कि राष्ट्रीय जलमार्ग जम्मू-कश्मीर में पर्यटन व शहरी परिवहन को नई दिशा दे सकते हैं। रिवर क्रूज पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बनने के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में परिवहन का वैकल्पिक साधन उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने जलमार्गों के विकास को नदी पर्यटन, यात्री आवागमन व सड़क नेटवर्क पर दबाव कम करने की जरूरतों से जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार लोहानी ने बताया कि झेलम (नेशनल वाटरवेज-49), चिनाब (नेशनल वाटरवेज-26) और रावी (नेशनल वाटरवेज-84) को अगले साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
झेलम जलमार्ग अनंतनाग के संगम ब्रिज से वुलर झील तक 110 किलोमीटर, चिनाब जलमार्ग रियासी से अखनूर तक 53 किलोमीटर व रावी जलमार्ग चंबा डैम से बसोहली स्थित रणजीत सागर बांध तक 44 किलोमीटर लंबा है।
झेलम पर 106 किमी लंबा रिवर क्रूज चलाने की तैयारी
झेलम पर संगम से वुलर झील तक 106 किलोमीटर के नदी क्रूज मार्ग का प्रस्ताव है। इसके लिए 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामारन नौकाओं का 66.11 करोड़ रुपये का वर्क आर्डर जारी हो चुका है। सभी 52 नेविगेशनल उपकरण पहुंच चुके हैं। आठ में से छह कंक्रीट पोंटून, जेटी तैयार हो चुके हैं। संगम, पंथा चौक, जीरो ब्रिज, अमीरा कदल, छत्ताबल, सुम्बल व अन्य स्थानों पर आठ यात्री व पर्यटक टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं।
चिनाब और रावी में भी क्रूज चलाने की तैयारी
चिनाब व रावी जलमार्गों के लिए भी क्रूज मार्ग और टर्मिनल स्थलों की पहचान कर ली गई है। तीन कंक्रीट पोंटून का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, 11 चिन्हित भूमि पार्सल परिवहन विभाग को हस्तांतरित कर अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को सौंपे जा चुके हैं।
जलमार्गों के विकास में आ रही अड़चनें होंगी दूर
बैठक में बिजली लाइनों को हटाने या स्थानांतरित करने, काफर डैम हटाने, स्थायी जल-बिजली कनेक्शन, अपशिष्ट जल निकासी व टर्मिनल तक पहुंच मार्गों को चौड़ा करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय से इन बाधाओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, आकर्षक व टिकाऊ जल परिवहन व्यवस्था जम्मू-कश्मीर में पर्यटन तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम दे सकती है।
