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जम्मू-कश्मीर पुलिस भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, अब SPO-फॉलोअर्स भी बन सकेंगे कांस्टेबल; जानें योग्यता और शर्तें

Published: Fri, 25 Sep 2026 02:26 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब 80% पद सीधी भर्ती से, 15% एसपीओ और 5% इन-सर्विस फालोअर्स की पदोन्नति से भरे जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कांस्टेबल भर्ती में 80% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

  2. 15% पद स्पेशल पुलिस आफिसर्स (एसपीओ) के लिए आरक्षित।

  3. 5% पद इन-सर्विस फालोअर्स की पदोन्नति से भरे जाएंगे।

जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस कांस्टेबल की नियुक्ति को लेकर सरकार ने भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब कांस्टेबल के पदों पर भर्ती में 80 प्रतिशत पद सीधी भर्ती, जबकि 15 प्रतिशत पद स्पेशल पुलिस आफिसर्स (एसपीओ) और 5 प्रतिशत पद इन-सर्विस फालोअर्स की पदोन्नति से भरे जाएंगे। इससे पुलिस विभाग में पहले से सेवाएं दे रहे एसपीओ और फालोअर्स को भी कांस्टेबल बनने का अवसर मिलेगा।

गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से जम्मू-कश्मीर पुलिस नियम, 1960 में नया नियम 174-ए जोड़ा गया है। यह संशोधन पुलिस अधिनियम, 1983 की धारा 43 की उपधारा (3) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया है।

SPO को कांस्टेबल भर्ती में मिलेगा कोटा

नए प्रावधान के अनुसार, कांस्टेबल के कुल पदों में 80 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। वहीं 15 प्रतिशत पद ऐसे एसपीओ के लिए निर्धारित होंगे, जिन्होंने न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा पूरी की हो। इसके लिए संबंधित उम्मीदवार के पास निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मानक होना जरूरी होगा। साथ ही उन्हें निर्धारित शारीरिक मानक प्रशिक्षण (पीएसटी) पास करना होगा।

फॉलोअर्स को कांस्टेबल बनने का मौका

एसपीओ के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह रखी गई है कि उनका काउंटर इंसरजेंसी आपरेशंस में उत्कृष्ट प्रदर्शन हो। इसी तरह कांस्टेबल के 5 प्रतिशत पद इन-सर्विस फालोअर्स की पदोन्नति से भरे जाएंगे। इसके लिए संबंधित फालोअर की कम से कम पांच वर्ष की सेवा, निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मानक जरूरी होंगे। उन्हें भी निर्धारित पीएसटी उत्तीर्ण करना होगा।

1960 के पुलिस नियमों के बावजूद लागू होंगे नए प्रावधान

अधिसूचना के अनुसार ये प्रावधान जम्मू-कश्मीर पुलिस नियम, 1960 में असंगत किसी भी प्रावधान के बावजूद प्रभावी होंगे।वहीं इस अधिसूचना के जारी होने के बाद उन एसपीओ व फालोअर्स में एक उम्मीद बंधी है, जो वर्षों से स्थायी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। एसपीओ का कहना है कि इससे उनमें बेहतर कार्य करने का मनोबल बढ़ेगा।