जम्मू-कश्मीर में 25 साल पुराने वाहनों पर रोक! 15 साल पुरानी गाड़ियों का 6 महीने में फिटनेस टेस्ट, जानें नए नियम
जम्मू-कश्मीर में परिवहन विभाग ने पुराने व्यावसायिक और यात्री वाहनों के संचालन पर नए नियम लागू किए हैं। 25 साल से अधिक पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

15 से 25 साल पुराने यात्री वाहनों का 6 महीने में फिटनेस टेस्ट अनिवार्य। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, जम्मू। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुराने व्यावसायिक एवं यात्री वाहनों के संचालन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। प्रदेश के परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन ने जारी आदेश में वाहनों की अधिकतम परिचालन आयु और फिटनेस जांच के संबंध में नए प्रावधान लागू किए हैं।
आदेश के अनुसार, प्रदेश में पंजीकृत या संचालित सभी व्यावसायिक एवं यात्री परिवहन वाहन पहली रजिस्ट्रेशन की तारीख से 25 वर्ष की आयु पूरी होने पर अपनी अनुमत परिचालन अवधि पूरी कर चुके माने जाएंगे।
25 वर्ष पूरे होने के बाद ऐसे वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर यात्रियों या सामान के परिवहन के लिए चलाने की अनुमति नहीं होगी।
इन वाहनों के लिए हर छह महीने में फिटनेस टेस्ट अनिवार्य
वहीं 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लेकिन 25 वर्ष से कम पुराने यात्री वाहनों के लिए हर छह महीने में फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया गया है। निर्धारित फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास किए बिना किसी वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी या नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र की वैधता एक बार में अधिकतम छह महीने होगी।
फिटनेस जांच में ब्रेक से लेकर टायर तक की होगी पड़ताल
फिटनेस जांच के दौरान वाहन की रोडवर्थिनेस, मैकेनिकल कंडीशन, ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर, सस्पेंशन, लाइटिंग एवं सिग्नलिंग सिस्टम की जांच की जाएगी। इसके अलावा उत्सर्जन मानकों और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, वाहन की बाडी तथा यात्री सुरक्षा संबंधी मानकों का भी पालन जरूरी होगा।
परिवहन विभाग ने आरटीओ, एआरटीओ, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों और अन्य अधिकृत प्रवर्तन एजेंसियों को आदेश के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
