जम्मू-कश्मीर: स्वास्थ्य विभाग में 21000 से ज्यादा पद खाली, हाई कोर्ट पहुंचा मामला; सरकार ने बताया भर्ती प्लान
जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 21,433 पद खाली हैं, जिस पर हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। ...और पढ़ें

हाई कोर्ट में उठा जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में स्टाफ संकट का मुद्दा। (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग में 21,433 पद रिक्त।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया तेज करने की बात कही।
हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली होने का मामला हाई कोर्ट के समक्ष सामने आया है। सरकार ने अदालत को बताया कि कुल 48,842 रिक्त पदों में से करीब 21,433 पद अभी भी खाली हैं। सरकार ने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज किया गया है और जनशक्ति की कमी दूर करने को प्राथमिकता दी जा रही है।
चीफ जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस यशपाल बौरनी की अध्यक्षता में डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी।
यह याचिका डाक्टरों एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों की कमी, पीईटी स्कैन मशीनों की उपलब्धता, कैंसर विशेषज्ञों की कमी और चिकित्सा विशेषज्ञों की भर्ती से संबंधित है।
खाली पदों पर भर्ती तेज करने का दावा
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त-सचिव ने अदालत को बताया कि रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कुछ नियुक्तियां संविदा आधार पर भी की गई हैं तथा योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए भर्ती नीतियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में करीब पांच पीईटी स्कैन मशीनें संचालित हैं और इनमें जांच के लिए प्रतीक्षा अवधि लगभग एक सप्ताह है। इसके मुकाबले दिल्ली स्थित एम्स में प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने तक हो सकती है।
कैंसर विशेषज्ञों की भर्ती में क्या आ रही अड़चन?
कैंसर विशेषज्ञों की कमी के संबंध में सरकार ने कहा कि देशभर के विशेषज्ञों के लिए अवसर उपलब्ध कराने के बावजूद पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार आवेदन नहीं कर रहे हैं। कैंसर उपचार सेवाओं को मजबूत करने के लिए टाटा इंस्टीट्यूट आफ कैंसर, मुंबई के साथ भी एक व्यवस्था की गई है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर के कुछ विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सीनियर एएजी मोनिका कोहली ने एडवोकेट मंदीप कौर के साथ अदालत को बताया कि सरकार की ओर से हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
