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'अधिकारी-कर्मचारी मर्यादित भाषा का करें इस्तेमाल', IAS-JKAS विवाद के बाद J&K सरकार के निर्देश; सभी पर होंगे लागू

By Rohit JandiyalEdited By: Dallu Slathia
Published: Fri, 16 Oct 2026 07:00 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी कामकाज के दौरान पेशेवर मर्यादा और आपसी सम्मान बनाए रखने का निर्देश ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों को मर्यादित भाषा और शिष्टाचार बनाए रखने का निर्देश।

जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों को मर्यादित भाषा और शिष्टाचार बनाए रखने का निर्देश।

HighLights

  1. सरकारी कामकाज में पेशेवर मर्यादा, आपसी सम्मान अनिवार्य।

  2. अपमानजनक, धमकी भरी भाषा के प्रयोग पर रोक।

  3. सभी अधिकारियों, कर्मचारियों पर समान रूप से लागू।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। दो दिन पूर्व वरिष्ठ आइएएस अधिकारी और जेकेएएस अधिकारी के बीच हुई तकरार के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी कामकाज के दौरान पेशेवर मर्यादा, आपसी सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक बातचीत के दौरान अपमानजनक, धमकी भरी या अनुचित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी कर सभी सरकारी कर्मचारियों को लोक सेवकों से अपेक्षित आचरण मानकों का पालन करने को कहा है।

सरकार ने अपने सर्कुलर में जम्मू-कश्मीर सरकारी कर्मचारी (आचरण) नियम, 1971 के नियम 3 का उल्लेख किया है। इसमें अन्य संबंधित सेवा नियमों के साथ सरकारी कर्मचारियों के लिए ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और लोक सेवक के अनुरूप व्यवहार बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।

पद और रैंक से ऊपर होगा आपसी सम्मान

सर्कुलर के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, अधीनस्थ कर्मचारियों और आम जनता के साथ व्यवहार करते समय पेशेवर रवैया, शिष्टाचार और आपसी सम्मान बनाए रखना अनिवार्य है। सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी आधिकारिक बातचीत संयम, गरिमा और आपसी सम्मान के साथ की जाए। ये निर्देश पद या रैंक की परवाह किए बिना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होंगे।

इसमें वरिष्ठ अधिकारियों और उनके अधीनस्थों, विभिन्न रैंक के अधिकारियों तथा कनिष्ठ कर्मचारियों और उनके वरिष्ठों के बीच होने वाली बातचीत भी शामिल है।

अधिकारों के इस्तेमाल में निष्पक्षता, निर्देशों के पालन पर जोर

 

सर्कुलर में कहा गया है कि वरिष्ठता और पर्यवेक्षण संबंधी अधिकारों का इस्तेमाल जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ किया जाना चाहिए। वहीं, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वैध निर्देशों, निर्धारित प्रक्रियाओं और अपने पद से जुड़ी जिम्मेदारियों का सम्मान करना होगा।

सरकार ने विशेष रूप से ऐसे शब्दों और व्यवहार से बचने का निर्देश दिया है, जो सरकारी पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, विभागाध्यक्षों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आने वाले कर्मचारियों को सर्कुलर की जानकारी दें।साथ ही, सभी स्तरों पर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।