क्या आप भी ले रहे हैं न्यूट्रास्यूटिकल सप्लीमेंट्स? जम्मू-कश्मीर में हर 100 में से 41 सैंपल फेल; अब होगी सख्त जांच
जम्मू-कश्मीर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसमें 168 निरीक्षण ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल (AI Generated)
HighLights
जम्मू-कश्मीर में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों पर विशेष अभियान।
168 निरीक्षण, 146 सैंपल लिए गए गुणवत्ता जांच हेतु।
पिछले 6 माह में 41.46% सैंपल मानकों पर खरे नहीं।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इसका मकसद यह देखना था कि ये उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा के तय मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। साथ ही, पैकेट पर जरूरी जानकारी दी गई है या नहीं, इसकी भी जांच की गई। इस दौरान विभाग ने 168 जगहों पर निरीक्षण किया और जांच के लिए 146 सैंपल लिए।
निरीक्षण के दौरान न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ-साथ उनके लेबल पर आवश्यक जानकारियों की भी जांच की गई।
लेबलिंग से संबंधित सात उल्लंघन सामने आए। इन मामलों में संबंधित कानूनी प्रविधानों के तहत नोटिस जारी करने की सिफारिश की गई है।
हर 100 में करीब 41 सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं
अधिकारियों ने बताया कि जांच में जो कमियां सामने आई हैं, उनके आधार पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पिछले छह महीनों में न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों के 328 सैंपल जांच के लिए लिए थे। इनमें से 136 सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस तरह गैर अनुरूप सैंपलों की दर 41.46 प्रतिशत रही।
सैंपल में गड़बड़ी के बाद प्रशासन अलर्ट
सैंपल में गैर-अनुरूपता की इतनी अधिक दर सामने आने के बाद प्रशासन ने सभी जिलों में विशेष प्रवर्तन एवं सैंपलिंग अभियान शुरू करने का निर्णय लिया ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन का दोबारा आकलन किया जा सके।
खाद्य कारोबार संचालकों को ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
