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J&K विधानसभा में अवकाश पर सियासत, नेकां ने कहा-शेख अब्दुल्ला के नाम पर अवकाश नहीं तो महाराजा की छुट्टी बंद हो

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:22 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश को लेकर सियासत गरमा गई। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शेख अब्दुल्ला ...और पढ़ें

अनुच्छेद 370 के बाद रद हुई शेख अब्दुल्ला की छुट्टी पर बवाल।

अनुच्छेद 370 के बाद रद हुई शेख अब्दुल्ला की छुट्टी पर बवाल।

HighLights

  1. महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश को लेकर विधानसभा में हंगामा

  2. नेकां ने शेख अब्दुल्ला के नाम पर अवकाश बहाली की मांग की

  3. भाजपा विधायकों ने विरोध में सदन से वाकआउट किया

नवीन नवाज, श्रीनगर। महाराजा हरि सिंह के जन्मोत्सव से एक दिन पूर्व उनके नाम पर अवकाश पर फिर शुरू हुई सियासत से विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और आक्रोशित भाजपा विधायक सदन से वाकआउट कर गए।

विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सत्तारुढ़ दल नेशनल कान्फ्रेंस ने महाराजा के जन्मोत्सव पर 23 सितंबर के अवकाश पर सवाल उठाए। साथ ही मांग की गई कि शेख अब्दुल्ला की जयंती पर भी राजपत्रित अवकाश बहाल किया जाए।

नेकां विधायक ने घोषित अवकाश को वापस लेने को कहा

नेकां विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो महाराजा हरि सिंह की जयंती पर घोषित अवकाश भी वापस लिया जाए। इस टिप्पणी पर भाजपा विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि नेकां विवादास्पद मुद्दे उठाकर कार्यवाही बाधित कर रही है।

भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू होने से पहले नेकां के संस्थापक स्व. शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के जन्मदिन पर अवकाश होता था।

जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह के जन्मोत्सव पर अवकाश की मांग एक लंबे समय से हो रही थी।

अनुच्छेद 370 के बाद रद हुई शेख अब्दुल्ला की छुट्टी पर बवाल

अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद शेख अब्दुल्ला का अवकाश रद कर दिया गया व महाराजा के जन्मोत्सव पर अवकाश घोषित किया गया। भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने कहा कि नेकां कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रही है।

सदन में भाजपा विधायकों ने महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए भाजपा विधायकों ने वेल में दाखिल होने का प्रयास किया, लेकिन मार्शलों ने उन्हें रोक लिया।

कांग्रेस के मुख्य सचेतक निजामदीन बट ने भाजपा विधायकों की तरफ देखते हुए कहा, छुट्टियों के मुद्दे पर आम सहमति से रास्ता निकाला जाना चाहिए। इसके बाद भाजपा विधायकों ने “निकम्मी सरकार, हाय-हाय” जैसे नारे लगाए गए।

नेकां की टिप्पणी का जोरदार विरोध

जवाब में नेकां विधायकों की ओर से “चंदा चोर, असेंबली छोड़” जैसे नारे लगाए। हंगामे के बीच पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान परा ने कहा कि शेख अब्दुल्ला की जयंती के साथ 13 जुलाई की छुट्टी पर विचार होना चाहिए।

बता दें कि महाराजा हरि सिंह के खिलाफ हुए विद्रोह में मारे गए लोगों की याद में कश्मीर में शहीदी दिवस और जम्मू में काला दिवस मनाया जाता है। 

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