राज्य ब्यूरो, जम्मू : जम्मू विश्वविद्यालय में अध्यापकों की हड़ताल से सिर्फ पढ़ाई ही प्रभावित नहीं हो रही है, बल्कि परीक्षाएं भी स्थगित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के साइकोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. चंद्रशेखर की आत्महत्या के मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर अध्यापक दस दिन से अधिक समय से हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे अध्यापक कामकाज हड़ताल करके विवि प्रबंधन से मामले की सीबीआइ जांच व जिम्मेदार अधिकारियों को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि पुलिस की सिट मामले की जांच कर रही है मगर अध्यापक इससे संतुष्ट नहीं है। वे निष्पक्ष जांच के जरिए पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं।

वाइस चांसलर प्रो. उमेश राय ने जम्मू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन से सार्वजनिक तौर पर अपील की है कि अध्यापकों को अपनी हड़ताल समाप्त कर देनी चाहिए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। वीसी ने कहा कि पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है लेकिन साथ में ही परीक्षाओं को स्थगित किया गया है। कुछ परीक्षाओं को महीने के लिए स्थगित किया गया है। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी अध्यापकों से आग्रह किया है कि वे कक्षाएं लगाएं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।

वहीं जुटा के प्रधान प्रो. पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि पीएचडी थीसिस जमा करवाने व साक्षात्कार की प्रक्रिया को सुचारू बनाया गया है। परीक्षाएं कालेजों में चल रही है। विश्वविद्यालय में परीक्षाएं नहीं चल रही। कक्षाएं मात्र दूसरे सेमेस्टर की चल रही है। हम विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रख रहे हैं। चूंकि 23 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक अवकाश है। जुटा जल्द ही बैठक कर वीसी की अपील सहित संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श करेगी।

बताते चलें कि जम्मू विवि के साइकोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, जिसके बाद कैश कमेटी ने अपनी सिफारिश भेजी थी। विवि प्रबंधन ने तत्काल से कार्रवाई करते हुए प्रो. चंद्रशेखर को निलंबित कर दिया। निलंबन का आदेश मिलने के बाद चंद्रशेखर ने अपने विभाग में अपने कमरे में आत्महत्या की। विवि में यह मामला तूल पकड़ा हुआ है। स्वर्गीय प्रो. चंद्रशेखर की पत्नी ने विभाग की अध्यक्ष समेत प्रबंधन के अधिकारियों पर आरोप लगाए है। विवि के अध्यापक पीड़ित परिवार में दिवंगत की पत्नी को नौकरी देने की मांग भी कर रहे हैं।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra