जम्मू, ललित कुमार। कठुआ जिले में बनी व बसोहली क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को दुनिया के सामने रखने का उद्देश्य लेकर पर्यटन विभाग जम्मू की ओर से पहली बार इस रूट पर साइकिल रैली का आयोजन किया गया। बनी-बसोहली प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब भरा है और भद्रवाह को छोटे कश्मीर की ख्याति प्राप्त है।

भद्रवाह को तो पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिल चुका है और पिछले कुछ सालों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी बढ़ी है। भद्रवाह की इस बढ़ती लोकप्रियता का लाभ बनी व बसोहली तक पहुंचाने के लिए शनिवार को बसोहली में रंजीत सागर झील पर बने अटल सेतु से पर्यटन विभाग के डायरेक्टर ओपी भगत ने इस साइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। पर्यटन विभाग जम्मू अब इस क्षेत्र को दुनिया के सामने रखने के लिए बनी-बसोहली-भद्रवाह सर्किट को चुनौतीपूर्ण खेलों के लिए पेश करेगा।

पर्यटन विभाग की ओर से पहली बार बसोहली से बनी होते हुए भद्रवाह तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली, पंजाब व हिमाचल प्रदेश के साइकिलिस्ट ने हिस्सा लिया। सुबह करीब आठ बजे यह रैली बसोहली से रवाना हुई। आज शाम को यह रैली बनी पहुंचेगी और प्रतिभागी रात का विश्राम बनी में करेंगे जहां टीआरसी में उनके ठहरने व खाने-पीने का प्रबंध किया गया है। जेएंडके साइकिलिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस रैली के प्रतिभागी 23 जून को बनी से रवाना होंगे और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से इस क्षेत्र की खूबसूरती को निहारते हुए भद्रवाह पहुंचेंगे जहां प्रमाण पत्र वितरण के साथ रैली सम्पन्न होगी। दो दिनों में कुल 155 किलोमीटर का सफर तय करके प्रतिभागीय भद्रवाह पहुंचेंगे जहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन उन्हें पत्नीटाप की सैर करवाई जाएगी।

सात ब्लागर भी है शामिल : इस रैली में कुल 28 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं जिसमें सात लोग पंजाब, दिल्ली व हिमाचल प्रदेश के है। ये प्रतिभागी ब्लागर भी है जो इंटरनेट पर विभिन्न पर्यटन स्थलों बारे ब्लाग लिखते है। बनी-बसोहली व भद्रवाह भ्रमण के बाद ये ब्लागर इन क्षेत्रों का प्रचार करने में पर्यटन विभाग का सहयोग करेंगे। इससे पहले विभाग ने जम्मू से मानसर तक साइकिल रैली का आयोजन किया था आैर उसमें शामिल युवाओं ने काफी संख्या में अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए जिससे इस रूट को साइकिलिंग के लिए काफी पसंद किया जाने लगा।

मेडिकल टीम साथ : बनी-बसोहली-भद्रवाह रूट चूंकि काफी दुर्गम है और काफी संख्या में साइकिलिस्ट ऐसे है जो पहली बार ऐसे दुर्गम रास्तों पर साइकिल चलाने का अनुभव हासिल करेंगे। ऐसे में किसी प्रतिभागी को स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत न हो, विभाग ने डाक्टरों व पैरा-मेडिकल टीम का गठन किया है जो पूरे रास्ते इस रैली के साथ रहेगी। इसके अलावा विभाग के गाइड व विशेषज्ञ भी प्रतिभागियों के साथ उन्हें हर क्षेत्र की जानकारी देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। रास्ते में कई स्थानों पर तीखी चढ़ाई भी है जहां पर साइकिल ले जाना मुश्किल है। ऐसी जगहों के लिए टैम्पो रखे गए है जिसमें साइकिल लाद कर आगे ले जाएंगे। इस रैली में 18 साल से अधिक आयु के युवाओं ने ही हिस्सा लिया है।

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Posted By: Rahul Sharma

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