जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे रोकने के लिए नया प्लान, ब्लैकस्पाट पर पुलिस की तैनाती; पार्किंग व्यवस्था भी सुधरेगी
जम्मू और श्रीनगर में यातायात, पार्किंग और सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव ...और पढ़ें

मुख्य सचिव ने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए दिए निर्देश। (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू में 17 पार्किंग स्थल चिन्हित, श्रीनगर में 300 की निगरानी।
स्कूल बसों, भारी वाहनों का सुरक्षा ऑडिट, आईटीएमएस में फेस रिकग्निशन।
ई-चालान, नो-हॉर्न जोन, इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग का विस्तार।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू और श्रीनगर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या, जाम और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने संबंधित विभागों को यातायात व्यवस्था सुधारने, पार्किंग प्रबंधन मजबूत करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों को विभिन्न स्थानों पर ट्रैफिक साइनबोर्ड और संकेतक लगाने को कहा। दोनों मंडलायुक्तों को कमियों की पहचान कर समयबद्ध तरीके से उन्हें दूर करने की प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
शुक्रवार को ट्रैफिक प्रबंधन पर आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने ट्रैफिक विभाग को इलेक्ट्रानिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करने को कहा, ताकि दुर्घटना संभावित स्थानों और विशेष समय के दौरान बढ़ने वाले यातायात जोखिमों की पहचान की जा सके।
जम्मू में सड़क किनारे पार्किंग के लिए 17 स्थान चिन्हित
बैठक में आवास एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर ने बताया कि जम्मू में सड़क किनारे पार्किंग के लिए 17 स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें से तीन पार्किंग स्थल चालू हैं, जबकि सात स्थान वेंडरों को आवंटित किए गए हैं।
श्रीनगर में 300 पार्किंग स्थलों पर ऑटोमैटिक निगरानी
श्रीनगर में आइटी आधारित आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन प्रणाली के जरिए प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में 300 पार्किंग स्थानों की निगरानी की जा रही है। श्रीनगर नगर निगम व्यवस्थित पार्किंग क्षेत्रों की पहचान और नियमन के लिए जीआइएस आधारित पार्किंग प्रबंधन योजना तैयार कर रहा है।
वहीं जम्मू नगर निगम ने पार्किंग सेल गठित किया है और भविष्य के टेंडरों में आइटी आधारित पार्किंग व्यवस्था को शामिल करने की योजना बनाई है।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के साथ जुड़ेगा फेस रिकग्निशन सिस्टम
मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैकस्पाट के अनुसार की जानी चाहिए। उन्होंने सभी स्कूल बसों समेत भारी यात्री वाहनों का सेफ्टी आडिट करवाने को भी कहा। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएम योजना के तहत प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने जम्मू और श्रीनगर में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को अपग्रेड कर दोनों शहरों में सिस्टम के साथ फेस रिकग्निशन सिस्टम की सुविधा जोड़ने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।इससे यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूत करने के साथ यात्रियों तथा वाहन चालकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने का लक्ष्य है।
बैठक में दी गई जानकारियां
जम्मू-श्रीनगर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग ढांचे का विस्तार जम्मू में पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग स्टेशनों के लिए स्थान चिन्हित कर परिवहन विभाग को सौंपे गए हैं। इसके लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
-श्रीनगर में पंथाचौक चार्जिंग स्टेशन विकसित किया गया है, जिसकी क्षमता 100 बसों की है।
-यातायात अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए जम्मू में 29 प्रमुख संस्थागत स्थानों और श्रीनगर में 12 स्थानों को नो-हॉर्न जोन के रूप में चिन्हित किया गया है।
-सात महीनों में जम्मू में 1.75 लाख, श्रीनगर में 1.04 लाख ई-चालान।
-बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के 68,000 पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द।
-सड़क सुरक्षा के लिए 13.83 करोड़ रुपये खर्च
-यातायात पुलिस के लिए 30 कंटेनर आधारित ट्रैफिक बूथों की खरीद के लिए 103.50 लाख रुपये का अनुबंध।
