जम्मू, जेएनएन। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर स्थित जिला रामबन में एक बार फिर भूस्खलन होने के कारण वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया है। फिलहाल पहाड़ों से पत्थर गिरने का सिलसिला अभी भी रूक-रूककर जारी है। हाईवे पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही वाहनों को सड़कों पर उतरने की इजाजत दी जाएगी। ट्रैफिक विभाग के कर्मचारी हाईवे पर नजर रखे हुए हैं। नेशनल हाईवे एथारिटी आफ इंडिया के कर्मचारियों ने मशीनरी की सहायता से कई जगह पर मलवा हटाने का काम शुरू भी कर दिया है।

जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर स्थित कैफेटेरिया मोड़ रामबन के पास सबसे पहले सुबह 4.30 बजे के करीब भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के तुरंत बाद ही हाईवे पर वाहनों की अावाजाही को रोक दिया गया। यह तो गनिमत रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ उस समय कैफेटेरिया मोड़ पर कोई वाहन मौजूद नहीं था। भूस्खलन के तुरंत बाद कर्मचारी मशीनरी के साथ मलवे को हटाने के लिए पहुंचा। अभी वे मलवा हटा ही रहे थे कि बैटरी मोड, मंकी मोड़ पर भी भूस्खलन होने की वजह से मलवा सड़कों पर आ गया। यहां अभी भी रूक-रूककर पहाड़ों से पत्थरों का गिरना जारी है।

यही वजह है कि अभी तक यहां मलवा हटाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अब काफी देर से पहाड़ों से मलवा नहीं गिरा है। जल्द यहां भी मलवा हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसे हटाने में समय लगेगा। पूरा प्रयास रहेगा कि तीन बजे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को सुचारू कर दिया जाए।

हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित होने की वजह से सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंसे हुए हैं। आज वाहनों को जम्मू से श्रीनगर के लिए छोड़ा जाना था। ऐसे में हाईवे बंद होने की वजह से श्रीनगर जाने वाले वाहनों को ऊधमपुर के जखैनी और नगरोटा में रोक दिया गया है।