जम्मू, जेएनएन। देश के दूसरे राज्यों को कश्मीर से जोड़ने वाला 270 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग बुधवार को एक बार फिर भूस्खलन की वजह से बंद हो गया। बारिश के बाद पंथल कैफेटेरिया मोड़ पर हुए भूस्खलन की वजह से ट्रैफिक विभाग ने हाइवे पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया है। जम्मू से श्रीनगर व श्रीगनर से जम्मू आने वाले सैंकड़ों कमर्शियल वाहन हाइवे पर फंसकर रह गए हैं।

ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आज बुधवार सुबह रामबन और रामसू के बीच कई स्थानों पर ताजा भूस्खलन हुआ है। यह तो गनिमत रही कि जिन जगह यह भूस्खलन हुआ, हाइवे पर कोई वाहन नहीं चल रहा था। बारिश तेज होने के बाद से ही वाहन चालकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भूस्खलन के कारण हाइवे पर पड़े मलवे को हटाने का काम शुरू कर दिया है। इसमें कर्मचारियों व मशीनों दोनों की मदद ली हा रही है। हालांकि कई जगह पहाड़ों से अभी भी पत्थरों का गिरना जारी है, इसकी वजह से काम में बाधा पैदा हो रही है।

वहीं दक्षिणी कश्मीर में शोपियां को राजौरी और पुंछ से जोड़ने वाले ऐतिहासिक मुगल रोड पर भी बर्फ हटाने का काम इस समय जोरशोर से चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि मई में इस मार्ग को भी वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इसके अलावा श्रीनगर-कारगिल सड़क और बांडीपोरा-गुरेज़ सड़क भी इस समय बंद हैं। हालांकि कुपवाड़ा-करनाह रोड, कुपवाड़ा-केरन रोड और कुपवाड़ा-माछिल सड़क यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। ट्रैफिक विभाग के अनुसार कोविड-19 प्रकोप और लॉकडाउन के कारण इस समय हाइवे पर नागिरक वाहनों को उतरने की इजाजत नहीं है। इस समय आवश्यक सामग्री लेकर घाटी जा रहे कमर्शियल वाहन ही हाइवे पर चल रहे हैं। हाइवे बंद होने की वजह से वे भी रोक दिए गए हैं। कोरोना वायरस के डर से हवाई सेवा और ट्रेन सेवा भी बंद कर दी गई है। अब हाइवे बंद होने की वजह से कश्मीर घाटी पूरे देश से कट चुकी है।

वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 

Posted By: Rahul Sharma

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