जम्मू, जागरण संवाददाता: वार्ड नंबर 73 में आबादी के हिसाब से 198 सफाई कर्मचारी मिलने चाहिए थे। अभी तक सिर्फ 25 ही दिए गए। ऊपर से प्रत्येक घर से 100 रुपये यूजर चार्ज मांगे जा रहे हैं। जब हम लोगों को सफाई ही नहीं दे पा रहे तो चार्ज कैसे लगाएं। यहीं बस नहीं नगर निगम अब प्रापर्टी टैक्स लगाने की बातें कर रहा है। हद हो चुकी है। अढ़ाई साल के कार्यकाल में हम लोगों को वांछित विकास नहीं दे पाए। न ही सुविधाएं ही दीं। शर्मिंदगी महसूस होती है। नगर निगम नेतृत्व नए वार्डों से न्याय नहीं कर पा रहा। यही हाल शहर में जोड़े गए अन्य नए वार्डों का भी है।

यह कहना है कि नगर निगम अधीनस्थ वार्ड नंबर 73 के कॉरपोरेटर प्रो. युद्धवीर सिंह का। उन्होंने कहा कि जनरल हाउस की बैठक बुलाना अब औपचारिकता सा बनता जा रहा है। जब कॉरपोरेटर अपने सवाल नहीं रख पा रहे। न ही एक से ज्यादा प्रस्ताव रखने की अनुमति दी जा रही है। जनरल हाउस में जनता के मुद्दों को उठाया जाता है ताकि सर्वसम्मति से फैसले लेकर उनकी समस्याओं का समाधान हो। एक वार्ड ही नहीं बल्कि पूरे शहर के वार्डों में रहने वालों को लाभ मिले।

लोगों ने चुनावों में भाजपा को बहुमत देकर विजयी किया कि वे काम करके दिखाएं। ऐसा हो नहीं पा रहा। विशेषकर नए वार्डों की हालत बहुत खस्ता है। युद्धवीर का कहना है कि 19 हजार करीब आबादी होने के बावजूद यहां सिर्फ 25 सफाई कर्मचारी दिए गए हैं। शहर का सबसे बड़ा वार्ड है। गलियों की सफाई तक नहीं हो पाती। मूलभूत सुविधाएं दे पाने में निगम नाकाम साबित हो रहा है। वार्डों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के दावे सिर्फ दिखावा हैं।

वहीं वार्ड नंबर 74 के कॉरपोरेटर सोबत अली का कहना है कि नए क्षेत्र होने के कारण हमारी चुनौतियां भी ज्यादा हैं। लोगों को हमारे से ज्यादा उम्मीदें थीं लेकिन निगम से पर्याप्त फंड नहीं मिलने से वांछित विकास नहीं हो पा रहे। जनरल हाउस की बैठकें नहीं हो रहीं। पहले 370 मसले को लेकर समय बर्बाद हुआ। फिर कोरोना महामारी ने नुकसान कर दिया। पांच साल के कार्यकाल में से आधा समय गुजर चुका है।

वहीं वार्ड 75 के कॉरपोरेटर गार सिंह चिब का कहना है कि लोगों को बड़ी आशा थी कि शहर में आने से अब उनके क्षेत्रों का विकास होगा। ऐसा हो नहीं पाया। अढा़ई साल का समय गुजर चुका है। वार्ड में सफाई कर्मचारी तक नहीं मिले। नए सफाई कर्मचारी लगाने की प्रक्रिया भी दो सालों से जमीन पर नहीं उतरी।

वहीं वार्ड 72 के कॉरपोरेटर रशपाल भारद्वाज का कहना है कि जितने दावे किए गए थे, उतना काम नहीं हुआ। लोगों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। नए वार्डों में सफाई व्यवस्था तक नहीं बन पाई। डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाना चाहिए। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारी पहले लगाए जाने चाहिए। ऐसा नहीं है। मात्र 25 सफाई कर्मचारियों से इतने बड़े व नए वार्ड में काम करना मुश्किल है। 

Edited By: Rahul Sharma