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हड़ताल पर गए जम्मू नगर निगम के NGO सफाई कर्मचारी, चरमरा सकती है शहर की सफाई व्यवस्था

Published: Fri, 02 Oct 2026 05:00 AM (IST)

जम्मू में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

हड़ताल पर गए जम्मू नगर निगम के एनजीओ सफाई कर्मचारी।

हड़ताल पर गए जम्मू नगर निगम के एनजीओ सफाई कर्मचारी।

HighLights

  1. एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने जम्मू में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की

  2. वरिष्ठता सूची जारी करने और स्थायीकरण की मुख्य मांगें

  3. निगम प्रशासन पर त्योहारों के नाम पर टालमटोल का आरोप

जागरण संवाददाता, जम्मू। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले शहर के एनजीओ सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। मुट्ठी स्थित जेडीए पार्क में शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र हुए सैकड़ों कर्मियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने अभी तो ली अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक चले इस धरने के दौरान कर्मचारियों ने न तो अपनी हाजिरी दर्ज कराई और न ही काम पर गए।

पहले दिन ही करीब चार सौ सफाई साथियों की भागीदारी ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो आगामी त्योहारों के दौरान शहर में गंदगी का संकट गहरा सकता है। हड़ताल का पहला दिन था तो ज्यादा असर नहीं दिखा। कल से सभी एनजीओ कर्मियों से काम बंद करवाने की तैयारी है।

त्योहारों के नाम पर टालमटोल का आरोप

धरने को संबोधित करते हुए संघ के नगर निगम के प्रधान अमर मोमन ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि निगम प्रशासन ने वरिष्ठता सूची पूरी तरह तैयार कर ली है, तो उसे सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है।

प्रशासन इस सूची को दिवाली के बाद जारी करने की बात कह रहा है, जो कर्मचारियों के साथ सरासर छलावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आने वाले दिनों में नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं, इसलिए निगम प्रशासन सिर्फ कर्मचारियों से काम निकलवाने की नीयत से सूची अटका रहा है।

संगठन की मांग है कि बिना किसी विलंब के वरिष्ठता सूची तत्काल जारी की जाए, एनजीओ कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और शोषणकारी एनजीओ सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

सफाई का जिम्मा स्थायी कर्मियों के हवाले

अमर मोमन ने स्पष्ट किया कि पहले दिन कुछ वार्डों में मामूली सफाई हुई होगी, लेकिन अब कोई भी एनजीओ कर्मी काम नहीं करेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखा जाएगा कि 70-80 हजार रुपये वेतन लेने वाले स्थायी सफाई कर्मचारी पूरे शहर को कितना साफ रख पाते हैं।

शहर के करीब पचास प्रतिशत वार्डों की स्वच्छता व्यवस्था एनजीओ कर्मियों के भरोसे चलती है और लगभग 2400 कर्मी यहां कार्यरत हैं। ऐसे में दिन की शिफ्ट के साथ-साथ अब नाइट शिफ्ट का काम भी पूरी तरह ठप कराया जाएगा, जिससे निगम प्रशासन पर दबाव बनना तय है। वहीं स्थायी कर्मचारियों की संख्या एक हजार के करीब है।

एकता बनाए रखने को निगरानी दल गठित

आंदोलन को धार देने के लिए संघ ने रणनीति तैयार की है। कर्मचारियों को डराने-धमकाने से बचाने और एकजुट रखने के लिए तीन विशेष ग्रुप बनाए गए हैं, जो सिटी, जानीपुर और तालाब तिल्लो क्षेत्र में निगरानी रखेंगे।

तय कार्यक्रम के अनुसार सभी कर्मी रोजाना सुबह सबसे पहले टाउन हाल में जुटेंगे और वार्डों में बाइक रैली निकालकर हड़ताल को सफल बनाएंगे। इस प्रदर्शन में संघ के चेयरमैन लक्की चिद्दा, महिला विंग की राज्य प्रधान नीलम कुमारी, एनजीओ प्रधान अमानत मट्टू के अलावा रोशन और विजय आनंद गिल ने भी सभा को संबोधित कर कर्मचारियों से अपने हक की लड़ाई में पूरी मजबूती से डटे रहने का आह्वान किया।