जम्मू में पुलिस चौकी में 28 साल के उत्तम चंद की मौत! परिवार का मारपीट का आरोप, पुलिस बोली- पहले से लगी थीं चोटें
आरएसपुरा में 28 वर्षीय उत्तम चंद की पुलिस हिरासत में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया, ...और पढ़ें

जम्मू में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत को लेकर परिवार का प्रदर्शन।
HighLights
उत्तम चंद की पुलिस हिरासत में मौत का आरोप।
परिजनों और ग्रामीणों ने आरएसपुरा में धरना दिया।
पुलिस ने मारपीट के आरोपों को खारिज किया।
जागरण संवाददाता, आरएसपुरा। सीमांत गांव चक्रोई में 28 वर्षीय उत्तम चंद की मौत को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस हिरासत में मौत का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरएसपुरा-चक्रोई मार्ग पर बोली चक मोड़ के पास सुबह करीब सात बजे से धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चौकी प्रभारी सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं पुलिस ने उत्तम चंद के साथ किसी भी तरह की मारपीट या टॉर्चर से इनकार किया है।
पुलिस के अनुसार, चौकी पहुंचने से पहले ही नरेश कुमार के साथ हुए झगड़े में उत्तम चंद को चोटें लगी थीं और उसका मेडिकल भी करवाया गया था। मामले को लेकर परिवार और पुलिस के दावों में अंतर है और खबर लिखे जाने तक धरने का कोई समाधान नहीं निकल पाया था।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह गांव निवासी आरती देवी अपने घर से दूध लेने जा रही थी। आरोप है कि गांव निवासी नरेश कुमार ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठाया और रास्ते में उसके साथ छेड़छाड़ की। आरती देवी ने इसका विरोध करते हुए मोटरसाइकिल से छलांग लगा दी, जिससे उसे चोटें आईं। इसके बाद उसने घटना की जानकारी अपने पति और परिवार को दी और परिवार के लोग शिकायत लेकर चक्रोई पुलिस चौकी पहुंचे।
परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सुबह ही पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। शाम को जब आरती देवी के जेठ उत्तम चंद को घटना की जानकारी मिली तो वह नरेश कुमार के घर पहुंचा, जहां दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद नरेश कुमार और उसके परिवार के लोग पुलिस चौकी पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।
उत्तम चंद-नरेश कुमार के बीच झगड़ा
चौकी प्रभारी के अनुसार, उत्तम चंद के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार दोपहर नरेश कुमार को चौकी बुलाया था और शिकायत करने वाली पार्टी को भी बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने सुबह आने की बात कहकर उस समय आने से मना कर दिया। पुलिस ने नरेश कुमार को बुधवार सुबह करीब 10 बजे चौकी आने के लिए कहा था। इसी बीच शाम को उत्तम चंद नरेश कुमार के घर पहुंच गया और दोनों के बीच झगड़ा हो गया।
पुलिस के अनुसार इस झगड़े में नरेश कुमार के सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं, जिसके बाद दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया और पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही थी।
चौकी में अचानक बिगड़ी तबीयत
पुलिस के अनुसार, रात को उत्तम चंद के परिवारजनों ने उसे खाना खिलाया था। इसके बाद वह चौकी में बैठा हुआ था कि अचानक बेसुध हो गया। पुलिस उसे तुरंत आरएसपुरा अस्पताल लेकर पहुंची, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई।
किसी प्रकार की मारपीट या टॉर्चर नहीं
चौकी प्रभारी का कहना है कि उत्तम चंद के साथ चौकी में किसी प्रकार की मारपीट या टॉर्चर नहीं किया गया। उनका कहना है कि चौकी पहुंचने से पहले ही हुए झगड़े में उसे चोटें आई थीं और पुलिस ने उसका मेडिकल भी करवाया था। दूसरी ओर, मृतक के भाई जैकी और मां जीतो देवी ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि उत्तम चंद को पुलिस ने घर से उठाकर चौकी में रखा और उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
परिजनों का दावा- उत्तम चंद की मौत चौकी में ही हो गई थी
परिजनों का दावा है कि उत्तम चंद की मौत चौकी में ही हो गई थी और पुलिस बाद में उसे अस्पताल लेकर गई। उन्होंने चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। धरने पर बैठे परिवार की ओर से पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल ने प्रशासन के सामने तीन मांगें रखीं। इनमें मृतक के छोटे भाई को एसपीओ लगाने, परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और चौकी प्रभारी सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन मांगों पर उचित निर्णय होने के बाद ही परिवार धरना समाप्त करने पर विचार करेगा। धरने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम आरएसपुरा अनुराधा ठाकुर और एसपी हेडक्वार्टर अन्ना लता सिन्हा भी मौके पर पहुंचीं और मृतक के परिवार से बातचीत की। अधिकारियों ने परिवार की मांगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली, लेकिन खबर लिखे जाने तक बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल पाया था और ग्रामीण सुबह सात बजे से धरने पर डटे हुए थे।
मौके पर विधायक प्रो. घारू राम भगत भी पहुंचे और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया। फिलहाल उत्तम चंद की मौत को लेकर पुलिस और परिजनों के दावे अलग-अलग हैं और मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
