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साल भर में सिर्फ 1 स्थानीय युवा बना आतंकी, घाटी में सेना का ऐतिहासिक एक्शन; नाकाम हुईं घुसपैठ की 6 बड़ी साजिशें

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:18 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2025 के दौरान स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती और एलओसी के रास्ते घुसपैठ की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

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HighLights

  1. स्थानीय युवाओं की आतंकी भर्ती में 2025 में भारी गिरावट

  2. सेना ने छह घुसपैठ नाकाम कर 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे

  3. एलओसी पर संघर्षविराम उल्लंघन में दीर्घकालिक रूप से कमी आई

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2025 के दौरान स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती और एलओसी के रास्ते घुसपैठ की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।

भारतीय सेना की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, वर्षभर में केवल एक स्थानीय युवक आतंकी संगठन में शामिल हुआ, जबकि सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की छह कोशिशें नाकाम कर 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया।

एलओसी पर वर्ष 2025 में 163 संघर्षविराम उल्लंघन दर्ज किए गए। इनमें 124 मामले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में दीर्घकालिक रूप से इनमें भारी कमी आई है। वर्ष 2020 में 4,645 उल्लंघन के मुकाबले 2023 में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ था।

स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती वर्ष 2021 के 146 से घटकर 2022 में 121, 2023 में 19 और 2024 में चार रह गई। वर्ष 2025 में यह संख्या केवल एक रही। सेना ने इसका कारण युवाओं में आतंकवाद के प्रति बढ़ती अस्वीकृति और सरकार की विभिन्न योजनाओं व अवसरों को बताया है।

वर्ष 2025 में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान 19 आतंकी मारे गए। इनमें आठ पाकिस्तानी नागरिक थे। सेना के अनुसार, इससे जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को सीमा पार से मिल रहे समर्थन का संकेत मिलता है।

सेना ने कहा कि एलओसी पर घुसपैठ में कमी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा और अन्य क्षेत्रों में सीमा पार से होने वाली गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।