जम्मू के 4 जिलों में हादसों का कहर, 7 महीने में 88 मौतें, 44 फीसदी हादसों में दोपहिया वाहन शामिल
जम्मू संभाग के कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में सात महीनों में 699 सड़क हादसों में 88 लोगों की मौत हुई और 1,001 घायल हुए।

जम्मू के 4 जिलों में हादसों का कहर (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
जम्मू संभाग में सात माह में 699 सड़क हादसों में 88 मौतें।
कुल हादसों में 44 प्रतिशत दोपहिया वाहनों की भागीदारी रही।
ट्रैफिक पुलिस ने 8,675 यातायात उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू संभाग के कठुआ, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। इस साल एक जनवरी से 31 जुलाई तक हुए 699 सड़क हादसों में 88 लोगों की मौत और 1,001 लोग घायल हुए।
हादसों में दोपहिया वाहनों की 44 प्रतिशत भागीदारी सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ग्रामीण जम्मू ने एक से 14 सितंबर तक विशेष जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 8,675 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
ट्रैफिक पुलिस ग्रामीण जम्मू के प्रवक्ता के अनुसार विश्लेषण में सामने आया कि 699 हादसों में से 309 में दोपहिया वाहन शामिल थे। इनमें 39 हादसे घातक रहे और दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में 384 लोग घायल हुए, जबकि 144 मामले एकल-दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं के थे।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए हादसों में 102 यानी 41 प्रतिशत मामलों में दोपहिया वाहन शामिल रहे, जबकि अन्य सड़कों पर 210 यानी 47 प्रतिशत हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े थे। आंकड़ों के अनुसार कुल दुर्घटना पीड़ितों में 27 प्रतिशत की उम्र 26 वर्ष से कम थी और कुल 699 हादसों में 445 यानी 64 प्रतिशत हादसे एकल वाहनों से जुड़े थे।
अभियान के दौरान 5,767 दोपहिया चालकों को बिना हेलमेट वाहन चलाने, 1,152 पिलियन राइडरों को हेलमेट नहीं पहनने और 1,106 लोगों को ट्रिपल राइडिंग के लिए पकड़ा गया।
इसके अलावा 188 चालकों पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने, 260 पर खतरनाक ड्राइविंग और 146 पर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने के लिए कार्रवाई की गई। तीन नाबालिगों को अवैध रूप से दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर जब्त किए गए।
