जम्मू, जागरण संवाददाता: स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कोविड-19 टेस्ट की जांच रिपोर्ट को लेकर आए दिन प्रश्न चिन्ह लग रहे है। ऐसा ही एक मामला अखनूर के गड़खाल में देखने को मिला। श्रमिक की रिपोर्ट सुबह नेगेटिव आई परंतु उसी शाम उसे फोन पर यह जानकारी दी गई कि वह कोरोना संक्रमित हैं। अचानक से कोरोना संक्रमित होने की सूचना मिलते ही उक्त व्यक्ति अपना आपा खो बैठा और गुस्से में आकर सबसे पहले उसने हाथ में पकड़ा मोबाइल फोन जमीन पर पटक दिया। बाद में वह घर का सामान तोड़ने लगा। स्थानीय लोगों ने इस बात की सूचना अखनूर पुलिस को दी, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद व्यक्ति को काबू कर जम्मू के कोविड-19 अस्पताल में दाखिल करवाया।

45 वर्षीय यह व्यक्ति 12 जुलाई को मध्यप्रदेश के इंदौर से सड़क मार्ग के जरिए जम्मू-कश्मीर में आया था। प्रशासन ने उसे लखनपुर में रोका और विजयपुर के राधा स्वामी सत्संग घर में बने क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया। जहां उसकी कोरोना जांच की गई। 13 जुलाई की शाम को श्रमिक को प्रशासन ने जानकारी दी कि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अगले दिन 14 जुलाई को सुबह उसे घर भेज दिया गया। श्रमिक अपने घर खुशी से आया। परिजनों और रिश्तेदारों से मिलकर वह दिन भर गांव में घूमता रहा।

उसी दिन शाम को उसे स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन आता है कि वह कोरोना संक्रमित पाया गया है। अचानक यह जानकारी मिलने पर वह अपना आपा खो बैठा। गांव वालों की सूचना पर अखनूर पुलिस वहां पहुंच गई। मौके पर पहुंचे सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर अखनूर अजय शर्मा ने बताया कि श्रमिक को जब यह पता चला कि वह तो कोरोना संक्रमित है तो उसे सदमा लग गया। स्वास्थ्य विभाग की मदद से उसे अस्पताल में भेजा गया हैं। अब पुलिस के लिए उन लोगों को ढूंढना चुनौती साबित हो रहा है जो श्रमिक के संपर्क में आए हैं।एहतियात के तौर पर पुलिस ने पूरे गांव को सील कर वहां सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया हैं। 

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