कठुआ, एएनआई। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे मनियारी गांव में पाकिस्तानी कबूतर आने से हड़कंप मच गया। कबूतर के पैर में सांकेतिक भाषा में कोड बंधा होने के चलते सुरक्षा एजेंसियां भी चौकस हो गई हैं। रविवार शाम को आए इस कबूतर को लोगों ने पकड़ कर बीएसएफ के अधिकारियों के हवाले कर दिया। जिसे एसडीपीओ बॉर्डर को सौंप दिया गया। मामले की जांच जारी है।

जम्मू और कश्मीर के कठुआ में स्थानीय लोगों ने आज भारतीय सीमा बाड़ के पास एक कबूतर को पकड़ लिया। शैलेंद्र मिश्रा, एसएसपी कठुआ कहते हैं, "हमें नहीं पता कि यह कहां से आया है। स्थानीय लोगों ने इसे पकड़ कर बीएसएफ के अधिकारियों के हवाले किया है। हमें इसके पैर में एक अंगूठी मिली है, जिस पर कुछ नंबर लिखे हैं। इनवेस्टिगेशन चल रहा है। उसके पांव में सांकेतिक भाषा में संदेश लिखा हुआ है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हैं। संदेश को डीकोड करने की कोशिश की जा रही है। 

पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में एक ऐसे कबूतर को पकड़ा गया है, जिसके पैर में लोहे की रिंग पहनाई गई है। इस पर कुछ लिखा हुआ है, जिसे कोड बताया जा रहा है। सीमा पार से उड़कर आए इस कबूतर को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। इस कबूतर को हीरानगर के गांव मनियारी में गत रविवार को स्थानीय ग्रामीणों ने पकड़ा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया।

इसके बाद हीरानगर पुलिस को सौंप दिया गया। कबूतर के पंखों के कुछ हिस्से में लाल रंग लगाया गया है। उसके पैर में फंसी रिंग पर लिखा कोड सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन गया है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान ने कोड के बहाने जासूसी का नया तरीका तो नहीं निकाल लिया है।

एसएसपी डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। जांच की जा रही है कि उक्त कोड संदिग्ध मामले से तो नहीं जुड़ा है। कबूतर हीरानगर पुलिस के कब्जे में है। कुछ एजेंसियों के मुताबिक ऐसे कबूतर रेस के लिए भी उड़ाए जाते हैं, जिसे सटोरिये इस्तेमाल करते हैं। कोड नंबर लगाकर रेस पर सट्टा लगाते है। फिलहाल, सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।   

पाकिस्तान से आए संदिग्ध कबूतर की सुरक्षा में जुटी पुलिस

जानकारी हो कि कुछ दिन पहले बीकानेर जिले के मोतीगढ गांव निवासी हाजी जमाल खान के घर एक संदिग्ध कबूतर पुलिस ने बरामद किया था जिसके पैरों में छल्ला डाले हुए थे। इस कबूतर के पंखों पर मोहर लगी हुई थी

दरअसल, करीब दो माह पहले पुलिस ने बीकानेर जिले के मोतीगढ़ गांव से पाकिस्तान से आए एक कबूतर को पकड़ा था। इस कबूतर के पंखों पर ऊर्दू में संदेश और पैर में छल्ले बंधे हुए थे। पुलिस के साथ ही गुप्तचर एजेंसी ने इस कबूतर की जांच की। लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन शुरू हो गया और पुलिस एवं गुप्तचर एजेंसी अन्य कार्यों में व्यस्त हो गई। इस कारण कबूतर की अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच पूरी नहीं होने के कारण छत्तरगढ़ पुलिस थाने के एक सिपाही विनोद को कबूतर की सुरक्षा एवं दाने-पानी का प्रबंध करने के लिए तैनात कर रखा है।

पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की आशंका है कि यह कबूतर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भेजा गया हो सकता है। आईएसआई पहले भी पैरों में कैमरे बांधकर बाज पश्चिम सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर व जोधपुर जिलों में भेजती रही है।

Posted By: Preeti jha

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