'अच्छा रिटर्न है पैसा लगा दो...', इन्वेस्टमेंट के नाम पर ₹12200000 की ठगी, जम्मू में 3 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
जम्मू-कश्मीर में निवेश के नाम पर ₹1.22 करोड़ की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच जम्मू ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

फोटो एआई की सहायता से बनाई गई है।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में ₹1.22 करोड़ के निवेश धोखाधड़ी का मामला।
क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से ठगे गए पैसे।
जागरण संवाददाता, जम्मू। निवेशकों को लुभावने रिटर्न का झांसा देकर 1.22 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में क्राइम ब्रांच जम्मू की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तीन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है।
यह चार्जशीट अतिरिक्त मुंसिफ जेएमआइसी, सांबा की अदालत में तहत पेश की गई है। मामले में आरोपितों की पहचान राजेश कुमार राय, प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार, एरिया मैनेजर और विक्रम सिंह, सहायक शाखा मैनेजर के रूप में हुई है।
आकर्षण रिटर्न का लालच देकर बनाया शिकार
तीनों का संबंध मैसर्स मेट्रोपोलिटन फाइनेंस लिमिटेड, मैसर्स मानसर फाइनेंस लिमिटेड और वैभव परिवार इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से बताया गया है।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने सांबा के लोगों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उन्हें अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर (सीसीपीएस) और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी योजनाओं में निवेश के लिए तैयार किया गया।
जांच के दौरान आरबीआइ से कराए गए सत्यापन में सामने आया कि मानसर फाइनेंस लिमिटेड और मेट्रोपोलिटन फाइनेंस लिमिटेड के एनबीएफसी पंजीकरण वैधानिक नियमों का पालन न करने के कारण रद किए जा चुके थे।
वहीं, वैभव परिवार इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कभी एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत ही नहीं थी। जांच में सामने आया कि निवेशकों से कुल 1,22,96,324 रुपये की रकम एकत्र की गई। इसमें मानसर फाइनेंस लिमिटेड के नाम पर 8,87,442 रुपये और मेट्रोपोलिटन फाइनेंस लिमिटेड के नाम पर 1,14,08,882 रुपये शामिल हैं।
चेक हुए बाउंस
आरोपितों ने निवेशकों को भुगतान के लिए चेक जारी किए, लेकिन ये चेक बाउंस हो गए और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली।
जांच के दौरान सीसीपीएस प्रमाणपत्र, डिबेंचर, मनी रिसीट और बैंक रिकॉर्ड समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। क्राइम ब्रांच ने आरोपित मनोज कुमार और विक्रम सिंह के खिलाफ जब्त दस्तावेजों और गवाहों की सूची के साथ अदालत में चार्जशीट पेश की है।
क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपित राजेश कुमार राय के खिलाफ धारा 512 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध भी अदालत से किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपित लगातार जांच से बचता रहा है।
