बाढ़ से तबाह हुए बांध-नाले और सिंचाई ढांचा, मरम्मत पर 507 करोड़ का खर्च
जम्मू-कश्मीर में हालिया भारी बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बाढ़ नियंत्रण व सिंचाई ढांचे की बहाली पर 507.47 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से तबाह हुए बांध-नाले और सिंचाई ढांचा (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से 507.47 करोड़ रुपये का नुकसान
जम्मू संभाग में 449.42 करोड़ रुपये की बहाली लागत
राजौरी और पुंछ जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में हालिया भारी बारिश और बाढ़ से बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया गया है।
प्रदेश में इन ढांचों की बहाली के लिए 507.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आंकी गई है। इसमें जम्मू संभाग का हिस्सा सबसे बड़ा है, जहां बहाली पर लगभग 449.42 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कश्मीर संभाग के लिए यह राशि 58.05 करोड़ रुपये है।
जल शक्ति विभाग ने विधानसभा में गुलमर्ग विधायक पीरजादा फारूक अहमद शाह के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू संभाग में 1955 सड़कें, 1238 जलापूर्ति योजनाएं, 369 स्कूल और 11 स्वास्थ्य ढांचे प्रभावित हुए हैं। राजौरी और पुंछ जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
राजौरी में बहाली की लागत लगभग 194.43 करोड़ रुपये और पुंछ में 170.82 करोड़ रुपये आंकी गई है। बाढ़ प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 2009-10 में 2083.90 करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृत की गई थी।
पहले चरण को 2015-16 में 399.29 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली। मार्च 2022 में दूसरे चरण के तहत झेलम और उसकी सहायक नदियों के लिए 1623.43 करोड़ रुपये की योजना मंजूर हुई।
गुलमर्ग क्षेत्र में फिरोजपुरा नाले पर 7.53 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरे किए गए हैं। अब इन योजनाओं को लागू करने की गति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
