जम्मू, राज्य ब्यूरो: जिला विकास परिषद के चेयरमैन के लिए आरक्षण के नियम तय हो जाने के बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर चुनाव आयोग पर है। इसके लिए अधिसूचना का इंतजार है। सूत्रों अनुसार जिला परिषदों में चेयरमैन के लिए अनुसूचित जाति को दो और अनुसूचित जनजाति को तीन पद मिल सकते हैं। चेयरमैन के कुल 20 पदों में से नौ ओपन में रह सकते हैं। चुनाव आयोग की तरफ से सीटों को आरक्षित किए जाने की अधिसूचना जारी करने के बाद बीस दिनों के भीतर चेयरमैन का चुनाव कराना होगा।

जिला परिषदों में चेयरमैन बन जाने के बाद से ही जम्मू कश्मीर में पंचायतों का थ्री टियर सिस्टम लागू हो जाएगा। पंचायतों के प्रतिनिधि पहले ही चुने जा चुके हैं। पिछले साल ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव हुए थे। अब तीसरे चरण में चेयरमैन चुने जाने हैं। जिला विकास परिषद चुनाव के बाद हाल ही में चेयरमैन के लिए आरक्षण के नियम जारी कर दिए हैं। दो से तीन दिन में राज्य चुनाव आयोग नियमों के तहत सीटें आरक्षित कर देगा।

सूत्रों अनुसार अगर आरक्षण नियमों के तहत तीन प्वाइंट के रोस्टर पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि चेयरमैन के बीस में से छह पद महिलाओं को मिल सकते हैं। आरक्षित नियमों के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति को उनकी जम्मू-कश्मीर में जनसंख्या के हिसाब से सीटें मिलेगी। इसका फैसला भी जम्मू-कश्मीर चुनाव आयोग को ही करना है।

सियासी दलों को अधिसूचना का इंतजार: सियासी दल इसी अधिसूचना पर नजर लगाए हैं कि कौन सीट महिलाओं और कौन अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए आरक्षित होगी। नियमों के तहत एक-तिहाई चेयरमैन के पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने हैं। जम्मू-कश्मीर में बीस जिले हैं और इतने ही चेयरमैन बनने हैं। इसलिए महिलाओं के लिए छह या सात सीटें आरक्षित हो सकती हैं। 

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