जम्मू, जागरण संवाददाता। Pulwama terror attack, लगातार छह दिनों से जारी क‌र्फ्यू के बाद बुधवार को शहर में जनजीवन सामान्य हो गया। क‌र्फ्यू में ढील मिलने के साथ ही विभिन्न बाजारों में दुकानें खुल गई। लोग आम दिनों की तरह घर से बाहर निकले और जमकर खरीदारी की। खाने-पीने की वस्तुओं की खासी मांग रही। वहीं, जिला प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रखते हुए दिनभर दो घंटों बाद क‌र्फ्यू में ढील देता रहा। सुबह 8 बजे से शाम 6:30 बजे तक शहर में क‌र्फ्यू में ढील रही। जम्मू में [आज] बृहस्पतिवार सुबह भी 7 से दोपहर 2 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। धारा -144 के तहत प्रतिबंध अभी भी लगाए गए हैं। सभी शराब की दुकानें और बार बंद रहें।

वहीं, हालात सामान्य होते देख प्रशासन ने वीरवार को दिन का क‌र्फ्यू हटाने का फैसला किया। जिला आयुक्त रमेश कुमार ने बताया कि बुधवार को दिनभर शहर के किसी भी हिस्से से हिंसा की कोई खबर नहीं आई। एहतियात के तौर पर शहर की सड़कों पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया हैं। क‌र्फ्यू में ढील तो दी गई है, लेकिन धारा 144 लागू रखी गई है। शहर में किसी को जुलूस या रैली निकलाने की इजाजत नहीं दी गई। एक स्थान पर चार से अधिक लोगों को एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को अपने थाना क्षेत्र से बाहर नहीं जाने को कहा गया है।

पुलिस कंट्रोल रूम में जिला तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जो प्रत्येक दो घंटे के बाद शहर की स्थिति पर नजर रखते हुए क‌र्फ्यू में ढील देने का फैसला कर रहे थे। जिला प्रशासन ने कल बुधवार सुबह आठ से 11 बजे तक ढील देने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रत्येक दो घंटे के बाद ढील को दो घंटे और बढ़ा दिया गया, जो शाम 6:30 बजे तक जारी रहा।

जानकारी हो कि 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। शहादत की खबर के बाद जम्मू में  हिंंसा फैल गई थी। इस दौरान कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था।

गुज्जर नगर की ओर जानेे वाला मार्ग रहा बंद: पुराने शहर में हुई हिंंसा से सबसे अधिक प्रभावित गुज्जर नगर क्षेत्र रहा था। हिंंसा के बाद शहर में लगातार छह दिनों से क‌र्फ्यू लगा हुआ है। हालत सामान्य होने के बाद को जिला प्रशासन ने शहर में दिनभर क‌र्फ्यू में ढील दी। इस दौरान यात्री वाहन तो नहीं चले, अलबत्ता निजी वाहनों में लोग सफर कर रहे थे। शहर के किसी भी हिस्से में प्रशासन ने आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं लगाया था। अलबत्ता गुज्जर नगर में पूरी तरह से पड़ताल करने के बाद हीं लोगों को जाने दिया जा रहा था। ढील के बीच गुज्जर नगर चौक में तारबंदी की गई थी। वहां से वाहन पर जाने वाले व्यक्ति को नाके पर तैनात पुलिस कर्मी पहचान पत्र दिखाने को कह रहे थे। बिना ठोस कारण के किसी को भी गुज्जर नगर की ओर जाने नहीं दिया जा रहा था। तवी नदी पर बने शेर-ए-कश्मीर पुल को भी तार लगा कर सील कर दिया गया था। 

दिनभर नहीं चले यात्री वाहन जम्मू : क‌र्फ्यू में ढील मिलने के बावजूद यात्री वाहनों के मालिकों ने अपने वाहनों को सड़कों पर नहीं उतारा। दरअसल क‌र्फ्यू में ढील कितनी देर मिलेगी, इस बात को लेकर दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही। यात्री वाहन चालकों को इस बात की आशंका भी थी कि कहीं उनके वाहनों में तोड़फोड़ न हो। हालांकि बुधवार सुबह कुछ देर के लिए बिक्रम चौक से रेलवे स्टेशन तथा बिक्रम चौक से गंग्याल के लिए मिनी बसें चली थीं, लेकिन वे भी बाद में बंद हो गई। हालांकि सवारी ऑटो दिनभर चलता रहा।

कर्फ्यू में ढील दिए जाने पर लोग रोजमर्रा की चीजें लेने घरों से बाहर निकले। कुछ स्थानों पर लोगों ने सब्जी, दूध तथा राशन की कमी की शिकायत की। लोगों ने मांग की- एटीएम तत्काल चालू किए जाएं क्योंकि उनमें नकदी नहीं है। कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐहतियात के तौर पर पूरे शहर में धारा 144 लागू रहेगी। सरकारी आदेश के चलते जम्मू जिले में सभी शिक्षण संस्थान लगातार छठे दिन भी बंद रहे। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि जम्मू के सभी जिलों में कक्षा आठ और नौ की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी। 

 अधिकारियों ने कहा,‘किसी क्षेत्र में निषेधाज्ञा के मामले में छात्रों के एडमिट कार्ड तथा अध्यापकों के पहचान पत्रों को कर्फ्यू पास माना जाएगा।’ उन्होंने बताया कि जम्मू जिले को छोड़कर मोबाइल इंटरनेट सेवा (केवल 2जी) बहाल कर दी गई है। गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकवादी हमले के विरोध में पाकिस्तान विरोधी व्यापक प्रदर्शनों तथा हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पिछले शुक्रवार को पूरे जम्मू शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 

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