विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में ₹1 प्रति वर्ग मीटर लीज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी सरकारी भूमि, जम्मू-कश्मीर सरकार ने जारी की नई CBG नीति

Published: Sat, 03 Oct 2026 02:41 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायो-गैस नीति 2026 अधिसूचित की है।

जम्मू-कश्मीर में ₹1 प्रति वर्ग मीटर लीज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी सरकारी भूमि (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में ₹1 प्रति वर्ग मीटर लीज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी सरकारी भूमि (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन और खाद बनाने का लक्ष्य

  2. निवेशकों को वित्तीय सहायता, भूमि और कर छूट मिलेगी

  3. 2030 तक 2,000 ग्रामीण रोजगार सृजित होने का अनुमान

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद तैयार करने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर कंप्रेस्ड बायो-गैस नीति 2026 को अधिसूचित कर दिया है।

इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और टिकाऊ कृषि को एक साथ बढ़ावा देना है। इसके लिए सीबीजी संयंत्र स्थापित करने वाले निवेशकों को कई वित्तीय और प्रशासनिक प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

नीति के तहत प्रति टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता पर 0.50 करोड़ की पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति परियोजना 10 करोड़ होगी। सरकारी भूमि नाममात्र की एक रुपये प्रति वर्ग मीटर लीज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए गैर-सांविधिक अनुमतियों के संबंध में 60 दिनों की डीम्ड अप्रूवल व्यवस्था लागू की गई है। सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से निर्धारित अवधि में अनुमति पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में पात्र मंजूरियों को स्वीकृत माना जा सकेगा।

इसके अलावा, पहले पांच वर्षों तक 100 प्रतिशत एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। स्थानीय अकुशल श्रमिकों के लिए दो वर्षों तक 3,000 प्रति माह प्रति कर्मचारी की मैनपावर सब्सिडी और बैंक टर्म लोन पर 2 करोड़ तक ब्याज सबवेंशन भी दिया जाएगा।

सरकार सीबीजी संयंत्रों के लिए फीडस्टाक एकत्रीकरण और जैविक खाद (बायो-मैन्योर) के लिए बाजार उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगी। नीति के तहत 10,000 किसानों तक बायो-मैन्योर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का अनुमान है कि इस पहल से वर्ष 2030 तक करीब 2,000 प्रत्यक्ष ग्रामीण रोजगार सृजित होंगे। इसके साथ ही सीबीजी उत्पादन, कच्चे माल के संग्रह, परिवहन और जैविक खाद के वितरण सहित पूरी वैल्यू चेन में रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।सीबीजी नीति 2026 वर्ष 2032 तक प्रभावी रहेगी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को नीति अधिसूचित किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने इसे टिकाऊ ऊर्जा विकास और स्वच्छ एवं अधिक संसाधन-कुशल जम्मू-कश्मीर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।