जम्मू, अशोक शर्मा। जम्मू कश्मीर व लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने से कला संस्कृति के रंग बहुरेंगे। कलाकारों व साहित्यकारों को उम्मीद है कि अब दिल्ली की तरह यहां भी ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और साहित्य अकादमी का गठन होगा। दोनों प्रदेशों के कलाकारों व साहित्यकारों को उनका वाजिब हक मिलेगा।

पहले जम्मू संभाग के कलाकारों को लगता था कि उनकी सांस्कृतिक विरासत को साजिश के तहत लुप्त किया जा रहा है। कश्मीर के कलाकारों को लगता था कि उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा। लद्दाख संभाग के कलाकार कला संस्कृति की अनदेखी का आरोप लगाते थे, लेकिन अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।

स्वतंत्रता दिवस हो या गणतंत्र दिवस समारोह, लद्दाख के कलाकारों को पूरा मौका मिलेगा। पहले भी इन कलाकारों को मौका मिलता था, लेकिन 15 कलाकारों के दल में मुश्किल से लद्दाख के तीन कलाकारों को ही जगह मिल पाती थी। अब पूरा दल उनका होगा और वह अपने क्षेत्र के रंग से दुनिया को रुबरू करवा सकेंगे। लेह, लद्दाख का प्राकृतिक सौंदर्य ऐसा है कि कोई भी यहां आना चाहेगा। देश-दुनिया के कलाकार यहां अपनी कला का प्रदर्शन करना चाहेंगे। फिल्म थ्री इडियट्स की सफलता के बाद तो फिल्म उद्योग ने भी इस ओर रुख करना शुरू कर दिया है।

कश्मीर की खूबसूरती को देखकर ही कश्मीरा नाम रखा गया : कश्मीरा शाह

हाल ही में जम्मू में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड कलाकार कश्मीरा शाह, अयूब खान, एयाज खान, ललित पारिमू व राकेश भट्ट ने बताया था कि अनुच्छेद 370 हट चुका है। अब कोई भी निर्माता निर्देशक जम्मू कश्मीर में आसानी से काम कर सकेगा। कश्मीरा शाह ने तो कहा कि उनके परिवार वालों ने फिल्मों में कश्मीर की खूबसूरती को देखकर ही उनका नाम कश्मीरा रखा था, लेकिन वह कश्मीर देख नहीं सकी। अब कश्मीर में जाकर काम करना चाहती हैं।

जम्मू की लोक नृत्य को फिल्म का हिस्सा बनाने की चाहत

कश्मीरा शाह फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में डुग्गर की लोक संस्कृति से इस कदर प्रभावित हुई कि उन्होंने कहा कि अगली फिल्म में वह जम्मू की लोक नृत्य को अपनी फिल्म का हिस्सा बनाना चाहेंगी। उन्होंने काफी देर तक लोक कलाकारों के साथ डांस भी किया था।

बॉलीवुड के कलाकारों का मेगा शो करवाएंगे

माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आए संगीतकार ललित कुमार और विजेता पंडित जब जम्मू में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित मेगा शो में बतौर निर्णायक अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि अब अनुच्छेद 370 हट चुका है। वह बॉलीवुड के कलाकारों का एक मेगा शो यहां करवाना चाहेंगे। इस प्रस्ताव पर राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान ने कहा था कि प्रशासन इसके लिए पूरा सहयोग करेगा।

अकादमियों के गठन से बेहतर कार्य होने की उम्मीद : मोहन सिंह

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित डुग्गर प्रदेश के अध्यक्ष मोहन सिंह ने कहा कि शुरू से ही जम्मू कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी के बजाय ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी व साहित्य अकादमी बनाने की मांग होती रही है, लेकिन अनुच्छेद 370 के कारण कभी उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया। उम्मीद है कि तीन अकादमियों के गठन से हर क्षेत्र में बेहतर कार्य होगा।

Posted By: Rahul Sharma

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