लद्दाख हाईकोर्ट की नई पीठ में आज से नियमित सुनवाई शुरू, पहले दिन पांच महत्वपूर्ण मामले लिस्ट में हैं शामिल
लद्दाख में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय की नई पीठ में आज से नियमित न्यायिक कार्यवाही शुरू हो गई है। प

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
लद्दाख हाईकोर्ट की नई पीठ में नियमित सुनवाई शुरू
पहले दिन पांच मामले सूचीबद्ध, वरिष्ठ नागरिक भी शामिल
न्याय तक पहुंच आसान, दशकों पुरानी मांग पूरी
नवीन नवाज, जम्मू। लद्दाख में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय की नई लद्दाख पीठ में बुधवार से नियमित न्यायिक कार्यवाही शुरू होगी। इस पीठ में पहले दिन पांच मामलों की सुनवाई होगी।
इनमें लद्दाख प्रशासन, जम्मू-कश्मीर सरकार, केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड और निजी पक्षों से जुड़े मामले शामिल हैं। दो मामलों में याचिकाकर्ताओं को वरिष्ठ नागरिक बताया गया है।
उच्च न्यायालय की ओर से जारी वाद सूची के अनुसार मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति संजय परिहार की खंडपीठ-एक इन मामलों की सुनवाई करेगी।
क्या हैं मामले?
सभी मामले प्रवेश एवं आदेश श्रेणी के तहत नोटिस जारी होने के बाद की कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध हैं। पहला मामला गर्ग एंड गर्ग कंपनी बनाम केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख है।
एलपीए संख्या 165/2025 के तहत दायर इस अपील में अविनाश कुमार कंपनी की ओर से पक्षकार हैं, जिन्हें वरिष्ठ नागरिक बताया गया है। प्रतिवादियों में लद्दाख प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल हैं। दूसरा मामला कुंजांग डोलमा एवं अन्य बनाम भारत संघ है।
एलपीए संख्या 168/2026 के तहत वरिष्ठ नागरिक कुंजांग डोलमा और अन्य ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपील दायर की है। इसमें आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव के माध्यम से भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। तीसरा मामला जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड बनाम भारत संघ है।
डब्ल्यू पी (सी) संख्या 1425/2026 के तहत बैंक ने वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के सचिव तथा अन्य पक्षों के खिलाफ याचिका दायर की है।
चौथा मामला ताशी नामग्याल से संबंधित
चौथा मामला केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर बनाम ताशी नामग्याल है। इसमें जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव के माध्यम से याचिका दायर की है।
पांचवां मामला ताशी नामग्याल बनाम केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख है। यह याचिका लद्दाख प्रशासन के शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव तथा अन्य पक्षों के खिलाफ दायर की गई है। लद्दाख में स्थायी पीठ की स्थापना को क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग की पूर्ति माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य न्यायाधीश भाटी ने कहा था कि भौगोलिक दूरी न्याय तक पहुंच में बाधा नहीं बननी चाहिए। इससे पहले लद्दाख के वादियों को सुनवाई के लिए श्रीनगर और जम्मू की लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे।
लेह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता गोंबो स्तोबग्याल और कारगिल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रियाज अहमद खान ने पीठ की स्थापना को ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र सरकार, कानून एवं न्याय मंत्रालय और लद्दाख प्रशासन के योगदान की सराहना करते हुए संवैधानिक मूल्यों, कमजोर वर्गों और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।
इस अवसर पर उच्च न्यायालय के पूर्ण न्यायालय ने दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं के लिए सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा समान शैक्षिक अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी प्रस्ताव पारित किया। इसमें शैक्षणिक संस्थानों और विधिक सेवा प्राधिकरणों के समन्वय से आगे कदम उठाने पर जोर दिया गया।
