श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में मई 2020 में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन से जुड़े विभिन्न प्रबंधों के लिए पांच समितियों का गठन किया है। 25-26 मई को प्रस्तावित इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और गृहमंत्री अमित शाह के भी शामिल होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन की तैयारियों से जुटे एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही सलाहकार व सर्वाेच्च समितियों का गठन कर रखा है। अब पांच और समितियां बनायी गई हैं। यह समितियां उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधीन होंगी। इनमें एक सशक्त समिति, स्वागत व आवास और प्रदर्शनी प्रबंधन समिति, ट्रैफिक, सुरक्षा एवं परिवहन समिति, मीडिया व प्रचार समिति, प्रस्ताव और एमओयू की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की समिति।

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रशासन ने वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन के जरिए उद्योग,पर्यटन, कृषि, हास्पिटेलिटी, मनोरंजन समेत 14 क्षेत्रों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजी निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा है। सशक्त समिति सम्मेलन पर होने वाले रोजमर्रा व सामान्य खर्च को मंजूरी देगी। इसके अलावा सम्मेलन की गतिविधियों के लिए विभिन्न स्थानों को भी तय करने के अलावा सभी प्रकार के सामान, स्टेशनरी और चाय-नाश्ते पर होने वाले खर्च को भी यही मंजूरी देगी। टेंडर तय करने से लेकर संबधित सेवाओं के क्रिय-विक्रय के मूल्यों को तय करने के अलावा उनकी निगरानी भी करेगी। समिति को अगर आवश्यक समझे तो वह उस पर अंतिम फैसला लेने से पहले उसे सर्वाेच्च समिति के पास विचारार्थ भेज सकती है।आठ सदस्यीय सशक्त समिति की अध्यक्षता प्रशासकीय सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग कर रहे हैं।

प्रदर्शनियों का भी किया जाएगा आयोजन

स्वागत, आवास, स्थान एवं प्रदर्शनी प्रबंधन समिति सरकारी विभागों और निगमों के साथ विचार विमर्श के आधार पर जम्मू कश्मीर मे निवेश की विभिन्न योजनाओं और संभावनाओं पर प्रदर्शनियों का आयोजन करेगी। यह सभी संबधित पक्षों और विभागों के साथ समन्वय में निजी पेवेलियन भी पंजीकृत करेगी। सम्मेलन में भाग लेने वाले देशी-विदेशी मेहमानों, अतिविशिष्ट नागरिकों और बैठकों के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करेगी। एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्रियों, अति विशिष्ट नागरिकों, वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य मेहमानों के स्वागत और उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था करेगी। इस समिति में 17 सदस्य रहेंगे।

ट्रैफिक, सुरक्षा और परिवहन का जिम्मा 10 सदस्यीय समिति संभालेगी

गृह विभाग के प्रशासकीय सचिव के नेतृत्व में गठित की गई 10 सदस्यीय समिति ट्रैफिक, सुरक्षा और परिवहन का जिम्मा संभालेगी। सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी मेहमानों की निजी, उन्हें प्रदान की गई आवासीय सुविधा और सम्मेलन स्थल की सुरक्षा भी यही समिति तय करेगी। यह समिति सम्मेलन में भाग लेने वालों की तस्वीरों के साथ चिप तैयार करने के अलावा आरएफआईडी नंबर की व्यवस्था करेगी। यह मेहमानों के प्रोटोकाल के मुताबिक वाहनों की व्यवस्था भी करेगी। सूचना विभाग के प्रशासकीय सचिव के नेतृृत्व में गठित पांच सदस्यीय मीडिया एवं प्रचार समिति सम्मेलन से पहले और बाद में ही नहीं सम्मेलन के दौरान भी संबधित गतिविधियों का प्रचार प्रसार करेगी। सम्मेलन से संबधित प्रेस कांफ्रेंस व अन्य प्रचार गतिविधियों का आयोजन इसके जिम्मे रखा गया है। सम्मेलन के दौरान प्रस्ताव और एमओयू को आगे बढ़ाने वाली छह सदस्यीय समिति का नेतृत्व भी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासकीय सचिव के पास ही रहगा। यह समिति संबधित विभागों द्वारा तय किए जाने वाले एमआेयू का अंतिम प्रारुप भी तैयार करेगी।

सर्वोच्च समिति-सलाहकार समिति को रिपोर्ट देने के निर्देश

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इन पांचों समितियों को निर्देश दिया गया है कि वह कम से एक साप्ताहिक बैठक करें और संबधित गतिविधियों के आधार पर एक रिपोर्ट हर पखवाड़े सर्वोच्च समिति और सलाहकार समिति को अपनी रिपोर्ट दें। सर्वाेच्च समिति की अगुआई मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और परामर्श समिति का नेतृत्व खुद उपराज्यपाल जीसी मुर्मु कर रहे हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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