जम्मू, जागरण संवाददाता : जम्मू-कश्मीर किसान-ए-तहरीक ने कहा है कि हाल ही में ओलावृष्टि से नुकसान उठाने वाले किसानों को सरकार अगली फसल यानी रबी फसल लगाने में सहायता करे। किसानों को राहत दे। क्योंकि इस समय किसान संकट में है और उसकी जेब में पैसा नहीं है।

प्रधान किशोर कुमार ने कहा कि गेहूं की फसल लगाने का समय है मगर किसान की जेब में पैसा नहीं है। इसलिए कम से कम खाद बीज का खर्च सरकार को उठाना चाहिए। यहां हुई बैठक में उन्होंने कहा कि आरएस पुरा बासमती बेल्ट है और यहां के किसान सुविधाओं से संपन्न होने चाहिए। इन किसानों की दिक्कतें दूर होनी चाहिए। पिछले समय में हुई ओलावृष्टि से बासमती धान की फसल बर्बाद हो गई।

अब मुआवजा पता नहीं कब मिलेगा। लेकिन किसानों को अगली फसल तो लगानी है। वह कैसे यह फसल लगा पाएगा। इस समय किसान कर्ज पर पैसा लेकर बीज, खाद का बंदोबस्त करने में लगा हुआ है। इससे किसान की हालत और खराब होगी। सरकार को चाहिए कि किसानों के हित में फैसला ले और अगली फसल लगाने के लिए किसानों को राहत दे। कम से कम खाद बीज का खर्च तो सरकार उठा सकती है।

जिन किसानों ने उधार लेकर बिजाई की है, को राहत देना बेहद जरूरी है। किशोर कुमार ने कहा कि आरएस पुरा बेल्ट का किसान तभी सशक्त बनेगा जब उसको खेती की सारी सुविधाएं मिलें। किसानों को सस्ते दाम पर बिजली मिलनी चाहिए क्योंकि काफी किसान पंपसेट से खेती करते हैं। वहीं नहर का पानी आखिरी गांव तक पहुंचना चाहिए। लेकिन हर बार किसानों को परेशान होना पड़ता है।

किशोर कुमार ने कहा कि किसान खेती कर राष्ट्रीय उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि किसानों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराए। किसान का काम है मेहनत करना लेकिन किसान की परेशानियां दूर करना तो सरकार का ही काम है। 

Edited By: Rahul Sharma