जम्मू, गुलदेव राज। कभी-कभी जीवन में ऐसा मोड़ आ जाता है कि इंसान को अपनी दिशा बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। तब इंसान हिल ही जाता है। अच्छी भली चल रही जिंदगी कठिनाइयों में घिर जाती है, जिससे निकल पाना सब लोगों के लिए आसान नहीं रहता। लेकिन कुछ लोग होते हैं जो इन चुनौतियों का सामना करते हुए नए सिरे से आगे बढ़ते हैं। हिम्मत व जज्बे को अपना हथियार बनाते हैं। फिर वो दिन आ ही जाता है कि कामयाबी आपके कदम चूमने लगती है। समाज में आपके नाम का यश दूर-दूर तक फैलने लगता है।

जम्मू के बिजनेसमैन जेपी गुप्ता ने भी ऐसे ही दौर से गुजरते हुए चुनौतियों का सामना किया। हिम्मत बनाए रखी और अब व्यापार की बुलंदियों को छू रहे हैं। वह अखनूर रोड, पलौड़ा में त्रिकुटा एजेंसीज चला रहे हैं।उनका सैनिटेरी फिटिंग, हार्डवेयर, टाइल्स का कारोबार है। ग्लेन इलेक्ट्रिक चिमनी एंड एप्लांयस, माड्यूलर किचन एंड असेसरीज के वितरक हैं। आज वह जम्मू के जाने-माने होलसेलर व रिटेलर हैं। इतना बड़ा कारोबार बनाने के लिए उनको 16 साल लग गए। आपको जानकर हैरानी होगी कि इससे पहले जेपी गुप्ता व्यापारी नहीं थे। जम्मू-कश्मीर बैंक में अच्छी भली उनकी नौकरी चल रही थी। वह सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। लेकिन तभी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया कि एक बैंकर को कारोबारी बनना पड़ा।

दरअसल गुड़ा बख्शी नगर में उनके छोटे भाई नवीन गुप्ता की सैनिटेरी फिटिंग सामान की छोटी सी दुकान थी। सन 2000 में एक दुखद दुर्घटना घट गई। अमावस्या के दिन तवी नदी पर हरि की पौड़ी घाट पर स्नान करते समय नवीन गुप्ता की डूबने से मृत्यु हो गई। ऐसे में सैनिटरी फिटिंग की दुकान संभालने वाला घर में कोई नही था। जेपी गुप्ता को अपनी सीनियर बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़नी पड़ी और दुकान को संभालना पड़ा। छह-सात साल गुड़ा बख्शी नगर स्थित दुकान पर ही काम किया। उसके बाद कामकाज को बढ़ाने के लिए पलौड़ा, अखनूर रोड़ पर शिफ्ट किया गया। 

व्यापार में परिवार दे रहा साथ: इस कारोबार में जेपी गुप्ता अकेले नही हैं। पूरा परिवार साथ दे रहा है। बेटी रिधिमा गुप्ता, इंजीनियर, एमबीए है। उसने आस्ट्रेलिया से मॉड्यूलर किचन एजूकेशन कोर्स की पढ़ाई की है। चाहती तो वह अपना कारोबार या देश विदेश में बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी कर सकती थी। लेकिन उसने पापा के काम में हाथ बंटाना ही पसंद किया। यही नहीं बेटा आदित्य भी कामकाज को संभाल रहा है। जबकि जेपी गुप्ता की धर्म पत्नी अंजू गुप्ता भी एजेंसी को चलाने में अपना पूर्ण योगदान दे रही हैं। जेपी गुप्ता का कहना है कि यह हमारा पारिवारिक व्यापार है। सब अपना-अपना सहयोग दे रहे हैं और इसी से ही कारोबार बुलंदियों में है। जेपी गुप्ता का कहना है कि परिवार के सहयोग से ही कारोबार फलफूल सका।

कारोबार पर कोरोना का इंपैक्ट नही होने दिया: कोरोना काल में भी अपने कारोबार को सामान्य तौर पर चलाने की दिशा में काम हुआ। हालांकि कहीं न कहीं असर तो होता है। लेकिन अपनी सूझबूझ से काम चलाया। जेपी गुप्ता ने कहा कि कारोबार को चादर के बाहर जाने नही दिया। खर्चे नियंत्रित किए । इससे कोरोना महामारी का इंपैक्ट कारोबार पर काफी हद तक नही आने दिया। कोरोना के दौर में सरकार द्वारा दी गई सलाह का पालन किया गया। जितने भी कर्मचारी काम कर रहे हैं, नियमित तौर पर कार्यरत हैं। उनका रोजगार चल रहा है। मुझे खुशी होती है कि परिवार तो साथ है ही, कर्मचारी भी कड़ी मेहनत कर कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। हमने भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी से निभाया और कर्मियों के हितों की रक्षा की।

समाज की भी करते हैं फिक्र: जेपी गुप्ता समाज सेवा में भी आगे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं और विचारों का आदान प्रदान करते हैं। अगर कहीं जरूरत हो तो वह सहायता करने में भी पीछे नही रहते। उनका कहना है कि समाज में जरूरतमंद लोगों की सहायता की जानी चाहिए। जेपी गुप्ता धार्मिक विचारों के हैं और समय समय पर धार्मिक स्थलाें पर जाते हैं।

इच्छा शक्ति हो तो कामयाबी जरूर मिलेगी: जेपी गुप्ता का कहना है कि इच्छा शक्ति हो तो कोई भी काम किया जा सकता है। जब इच्छाशक्ति होगी तो इंसान अपने लिए मेहनत करेगा और कामयाबी जरूर मिलती जाएगी। इसलिए व्यापार में आने से पहले लोगों को अपना मन पक्का करना चाहिए और दिन रात मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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