श्रीनगर और जम्मू में मेट्रो का सपना रह गया अधूरा, केंद्र ने वापस ली DPR; आखिर क्यों अटका यह प्रोजेक्ट?
केंद्र सरकार ने जम्मू और श्रीनगर में मेट्रो चलाने के प्रस्ताव की डीपीआर वापस भेज दी है, जिससे इन शहरों में मेट्रो का सपना अधूरा रह गया है।

फोटो एआई की सहायता से बनाई गई है
HighLights
केंद्र ने जम्मू-श्रीनगर मेट्रो की डीपीआर वापस भेजी
एलिवेटेड कॉरिडोर डिजाइन पर केंद्र सरकार को आपत्ति
जम्मू में फ्लाईओवर निर्माण भी प्रोजेक्ट अटकने का कारण
जागरण संवाददाता, जम्मू। पिछले पांच सालों से राजधानी जम्मू व श्रीनगर शहर में मेट्रो चलने का सपना शायद अब पूरा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने इन दोनों शहरों में मेट्रो चलाने के प्रस्ताव को लेकर डीपीआर वापस भेज दी है।
केंद्र ने इस प्रोजेक्ट के पूरे कारिडोर को एलिवेटेड रखने के डिजाइन पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि मेट्रोलाइट का फायदा तभी है, जब इसे जमीन पर बनाया जाए।
जम्मू के कुंजवानी से सतवारी का फ्लाईओवर का निर्माण लगभग पूरा होने, बख्शी नगर में फ्लाईओवर मंजूर होने व अंबफला-जानीपुर मार्ग के लिए फ्लाईओवर तैयार करने के प्रस्ताव को डीपीआर वापस भेजे जाने का कारण माना जा रहा है।
10599 करोड़ रुपये थी प्रोजेक्ट की लागत
प्रस्ताव में जम्मू में लाइट मेट्रो बनतालाब से बाड़ी ब्राह्मणा तक जानी थी, लेकिन इन क्षेत्रों में फ्लाईओवर का जाल बिछ रहा है। हाल ही में विधानसभा में भी यह जानकारी दी गई थी।
श्रीनगर व जम्मू में लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए राइट्स लिमिटेड की ओर से डीपीआर तैयार की गई थी। प्रोजेक्ट पर करीब 10599 करोड़ रुपये लागत आनी थी।
श्रीनगर में 25 किलोमीटर लंबा ट्रैक प्रस्तावित किया गया था। जम्मू में 23 किलोमीटर लंबी मेट्रोलाइट रेल परियोजना पर 3593 करोड़ और श्रीनगर में 25 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए कुल 4352 करोड़ की लागत आने का अनुमान था।बता दें कि 21 दिसंबर 2021 को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रदेश दौरे के दौरान यहां लाइट मेट्रो शुरू करने का आश्वासन दिया था।
मेट्रो शुरू होने पर जम्मू में यहां बनने थे स्टेशन
मेट्रो सेवा शहर से लगते बनतालाब क्षेत्र से शुरू होनी थी जो चिन्नौर, रूप नगर, जानीपुर हाइकोर्ट, लोअर लक्ष्मी नगर, अंबफला, सचिवालय, रघुनाथ मंदिर, प्रदर्शनी मैदान, यूनिवर्सिटी मार्ग, पनामा चौक, रेलवे स्टेशन, त्रिकुटा नगर, नरवाल, ग्रेटर कैलाश तक जानी थी। यह मेट्रो का पहला चरण था।
दूसरे चरण में मेट्रो उदयवाला, तीर्थ नगर, सूरज नगर, सर्किट हाउस, ज्यूल चौक, प्रदर्शनी मैदान जबकि तीसरे फेज में कालूचक्क, सिडको चौक, बाड़ी ब्राह्मणा और बाड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन तक पहुंचनी थी।
पहले चरण के 17 किलोमीटर मेट्रो रूट में 17 रेलवे स्टेशन, दूसरे फेज में छह किलोमीटर के रूट में छह स्टेशन जबकि तीसरे फेज में छह किलोमीटर के बीच पांच स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव था।
