जम्मू, रोहित जंडियाल : अभी तक जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छ अबोहवा के लिए लोग आते हैं, लेकिन अब आने वाले कुछ महीनों में अन्य प्रदेशों से इलाज करवाने के लिए भी मरीज आएंगे। क्योंकि जम्मू कश्मीर मेडिकल टूरिज्म की तरफ आगे बढ़ रहा है। हालांकि, सरकार अपने स्तर पर भी कई स्वास्थ्य संस्थान बना रही है, लेकिन स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई निजी समूह न्योते के बाद प्रदेश में सेवाएं देने के लिए आगे आ रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में पहले निजी अस्पताल नाममात्र थे, लेकिन अनुच्छेद 370 की समाप्ति और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 'सेहत' शुरू होने के बाद निजी अस्पताल जम्मू में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे आम लोगों को उपचार के लिए पहले से बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। वर्ष 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर में आचार्य श्री चंद्र कालेज आफ मेडिकल सांइसेस, श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और जेके मेडिसिटी थे।

अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता : निजी स्तर पर कुछ नर्सिंग होम भी जरूर थे। जम्मू-कश्मीर के 91 प्रतिशत लोग सरकारी अस्पतालों पर ही निर्भर थे। अपोलो समूह यहां सरकार के साथ अस्पताल बनाने को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुका है। चार हजार करोड़ के निवेश के और प्रस्ताव भी आए हैं। यही नहीं कुछ निजी अस्पतालों ने यहां काम करना शुरू भी कर दिया है। विशेषतौर पर कैंसर मरीजों को भारी राहत पहुंची है। उन्हें अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता।

दो स्टेट कैंसर संस्थान लगभग बनकर तैयार : अमेरिकन आनकालोजी के बाद अब गुजरात के शंकु समूह ने भी जम्मू के ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में कैंसर मरीजों के लिए अस्पताल की शुरुआत की है। पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह कठुआ जिले में टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने की कुछ दिन पहले ही घोषणा कर चुके हैं। श्रीनगर में वक्फ बोर्ड भी कैंसर अस्पताल बनाने की घोषणा कर चुका है। जम्मू और श्रीनगर में दो स्टेट कैंसर संस्थान लगभग बनकर तैयार हैं। जम्मू के विजयपुर में एम्स भी अगले वर्ष मार्च से अप्रैल के बीच शुरू होने की उम्मीद है।इसके अलावा पिछले तीन वर्ष में डा. केडी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, अंकुर मैत्री मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल खुल चुके हैं। एस्काम में निजी समूह के साथ हृदय रोगियों के इलाज के लिए सेंटर खुला है। ऊधमपुर में भी निजी अस्पताल बन रहा है। नरवाल में ही एक और निजी अस्पताल बनाया जा रहा है।

और आएंगे निजी अस्पताल : स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले कई अस्पतालों में चिकित्सा अधीक्षक रह चुके डा. रोमेश गुप्ता का कहना है कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर में अब माहौल बन रहा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में और निजी अस्पताल आएंगे और मेडिकल टूरिज्म का जम्मू हब बन सकता है। अभी भी हिमाचल सहित कई प्रदेशों से लोग यहां इलाज करवाने के लिए आते हैं।

यह सरकारी अस्पताल भी खुलने की कगार पर

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान विजयपुर
  • कैंसर संस्थान जम्मू, श्रीनगर
  • बोन और ज्वाइंट अस्पताल जम्मू
  • सर कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम जम्मू
  • मेडिकल कालेज ऊधमपुर
  • मेडिकल कालेज हंदवाड़ा 

Edited By: Rahul Sharma

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