श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। पुनर्गठन के बाद नए जम्मू कश्मीर में गंभीर रोगों के इलाज के लिए नए रास्ते खुलेंगे। अस्पतालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का इलाज मिलेगा। यही नहीं, बहुत कम समय में जम्मू कश्मीर को उत्तर भारत का एक मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में तैयार किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य प्रशासन के साथ मिलकर इस पर काम शुरू कर दिया है। यहां 240 करोड़ के निवेश से दो कैंसर इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे। दो नए मेडिकल कॉलेज भी खुलेंगे। श्रीनगर स्थित शेरे कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान सौरा (स्किम्स) को चिकित्सा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान व उपचार केंद्र बनाने के लिए भी देश-विदेश के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। घाटी और जम्मू संभाग में दो अलग-अलग मेडिसिटी भी बनाने की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में जम्मू कश्मीर में 13 बड़े सरकारी अस्पताल और आठ मेडिकल कॉलेजों, 22 जिला अस्पतालों के अलावा 50 से अधिक उपजिला अस्पताल भी हैं।

जम्मू कश्मीर 31 अक्टूबर को दो नए केंद्र शासित राज्यों जम्मू कश्मीर व लद्दाख में पुनर्गठित होगा। नागरिक सचिवालय श्रीनगर स्थित एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में रोजगार, स्वास्थ्य, चकित्सा सेवा समेत विभिन्नि क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। राज्य के स्वास्थ विभाग से केंद्र सरकार ने मौजूदा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा ढांचे से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की लंबित, रुकी और प्रस्तावित योजनाओं का पूरा ब्यौरा व संबंधित डीपीआर भी तलब की गई है।

अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की समग्र योजना पर काम कर रही है। जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र इसे एक मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करना चाहता है। मेडिकल टूरिज्म के लिहाज से न सिर्फ कश्मीर, बल्कि जम्मू के कई हिस्सों का वातावरण भी पूरी तरह अनु़कूल है। इसलिए शेरे कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान सौरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान केंद्र बनाने के लिए देश-विदेश के विज्ञानियों की मदद ली जा रही है। इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं।

कैंसर के इलाज के साथ अनुसंधान भी होगा

जम्मू और कश्मीर संभाग में दो अलग अलग कैंसर इंस्टीट्यूट होंगे। इन पर कुल 240 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा। दिल्ली से बाहर उत्तर भारत में कोई बड़ा अत्याधुनिक कैंसर इंस्टीट्यूट नहीं है। जम्मू कश्मीर में इन दो संस्थानों में न सिर्फ कैंसर रोगियों के उपचार की सुविधा होगी, बल्कि यहां अनुसंधान भी होगा। यह फैसला उत्तर भारत में लगातार बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए लिया गया है। बड़ी संख्या में विदेशों से भी कैंसर रोगी उपचार के लिए भारत आते हैं। इसके अलावा कश्मीर में डेंटस्ट्री की उपचार सुविधा पूरे उत्तर भारत में सबसे बेहतर और सस्ती मानी जाती है। डेंटस्ट्री को भी नई योजना के तहत बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा एलओसी के साथ सटे हंदवाड़ा और ऊधमपुर में भी नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे।

अध्ययन करने विदेश में जाएंगे विशेषज्ञ

जम्मू कश्मीर को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर विकसित करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों के दल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ यूरोप के उन मुल्कों में अध्ययन के लिए भेजने का फैसला किया है, जहां इस तरह के मॉडल सफल रहे हैं।

यह होगा नए राज्य में

  • 240 करोड़ के निवेश से दो कैंसर इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे
  • दो संभागों में मेडिसिटी भी बनाने की प्रक्रिया भी चल रही
  • डेंटस्ट्री को भी नई योजना के तहत बढ़ावा दिया जाएगा
  • हंदवाड़ा और ऊधमपुर में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे 

Posted By: Rahul Sharma

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