जम्मू, राज्य ब्यूरो।  प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर को विकसित करने की मुहिम के तहत युवाओं के लिए 50 हजार नौकरियों के साथ स्टार्टअप योजना की रियायतें भी मिलने वाली हैं, लेकिन उन नेताओं को रोजगार मिलने की गारंटी नहीं है जो मौजूद हालात में जम्मू कश्मीर में खुद को बेरोजगार मान रहे हैं।

जम्मू कश्मीर को विकास की ओर ले जाने के लिए केंद्र सरकार के भारी भरकम बजट का हवाला देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि अब विकास को गति देकर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए काम हो रहा है। पहले जम्मू कश्मीर में स्वार्थ की राजनीति में लोगों की उम्मीदों से खिलवाड़ होती थी।

मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर के लिए एक लाख करोड़ से अधिक का बजट देकर संकेत दिया है कि फंड की कमी से विकास नहीं रुकने वाला है। संसद में बुधवार को जम्मू कश्मीर के बजट को लेकर बहस में हिस्सा लेते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि दो दिन परिवारों के सदस्यों की रिहाई के लिए आंसू बहाने वालों की आंखों में आतंकवाद के दौर में चालीस हजार लोगों के मारे जाने पर एक भी आंसू नहीं आया।

नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस को निशाना बनाते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि एक सोच यह मानती है कि जम्मू कश्मीर में इस समय शांति इस लिए हैं क्योंकि हालात बिगाड़ने वाले हिरासत में हैं। उन्होंने कुछ राजनीतिक पार्टियों की परिवारवाद की राजनीति के कारण ही जम्मू कश्मीर के हालात बद से बदतर हुए। अब हालात सुधार कर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरा जा रहा है।

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पर प्रतिबंध से दिशाहीन होकर आतंकवादी मारे गए। जो काम पिछले 30 वर्षो में नही हुए वे पिछले कुछ महीनों में कर दिखाए गए। बजट में भी जम्मू कश्मीर के विकास को प्राथमिकता मिली है। इससे सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देकर जम्मू कश्मीर में खुशहाली लाई जाएगी। 

Posted By: Preeti jha

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